ट्रेडबाइनरी ने शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए उत्‍कृष्‍टता में नया मानक किया स्थापित

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 29 अगस्त 2025 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। ट्रेडबाइनरी, एक टेक्नोलॉजी-एगनॉस्टिक एंटरप्राइज सॉल्यूशंस प्रोवाइडर, ने एक अग्रणी अंतरराष्ट्रीय स्कूल नेटवर्क के लिए बड़े पैमाने पर ईआरपी ट्रांसफॉर्मेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। कंपनी ने शैक्षणिक और प्रशासनिक संचालन को सुदृढ़ बनाने के लिए फ्रैपे ईआरपीनेक्स्ट को एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में लागू किया है। यह प्रमुख परियोजना ट्रेडबाइनरी के शिक्षा क्षेत्र में रणनीतिक प्रवेश का प्रतीक है, जिसके परिणामस्वरूप एक इंटीग्रेटेड, स्केलेबल और भविष्य के लिए तैयार सिस्टम तैयार हुआ है, जो संचालन को सरल, डेटा को पारदर्शी और संस्थान में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देता है। इस बदलाव के तहत 16 अलग-अलग स्टैंडअलोन एप्लिकेशंस को हटाकर उन्हें एकीकृत ओपन-सोर्स ईआरपी सूट से बदल दिया गया है। संस्थान की जटिल जरूरतों के अनुरूप तैयार इस प्लेटफॉर्म ने सीआरएम, सेल्स, अकादमिक मैनेजमेंट, प्रोक्योरमेंट, एसेट मैनेजमेंट, एचआरएमएस, पेरोल, सपोर्ट डेस्क और फाइनेंस जैसी प्रक्रियाओं को एक ही जगह जोड़ दिया है। उच्च उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह प्लेटफॉर्म एडब्ल्यूएस (AWS) पर होस्ट किया गया है और इसमें मल्टी-लेयर डेटा सिक्योरिटी, कस्टम मोबाइल ऐप्स, रोल-आधारित डैशबोर्ड और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी विशेषताएं शामिल हैं, जो क्लासरूम से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक सभी कार्यों को जोड़ती हैं। इस परिवर्तन के प्रभाव स्पष्ट और मापनीय रहे हैं। प्रशासनिक खर्च 85% से घटकर केवल 15% रह गया है और मासिक वित्तीय समापन अब हफ्तों के बजाय कुछ दिनों में पूरा हो रहा है। नेतृत्व टीम को अब लाभ मार्जिन, कैश फ्लो और छात्र प्रदर्शन से जुड़े मेट्रिक्स की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध हो रही है। मानकीकृत प्रोक्योरमेंट प्रोटोकॉल, बेहतर असेसमेंट मॉडल और ऑटोमेटेड वर्कफ्लो की मदद से संस्थान ने न केवल परिचालन दक्षता में जबरदस्त सुधार किया है, बल्कि विभिन्न देशों में अपने कैंपस विस्तार के लिए मजबूत आधार भी तैयार किया है।

ट्रेडबाइनरी, एक टेककॉन के संस्थापक और निर्देशक दर्शिल शाह ने कहा शिक्षा क्षेत्र इस समय बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जहां तेज़ी से काम करना और डेटा-आधारित निर्णय लेना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। कई स्कूल और कॉलेज अब भी असंबद्ध और पुरानी प्रणालियों पर निर्भर हैं, जो आज के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की जरूरतें पूरी नहीं कर पातीं। हमने इस परियोजना को शिक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नए मानक स्थापित करने का अवसर माना। कंपनी के सह-संस्थापक और निर्देशक युवराज शिधये ने कहा फ्रैपे ईआरपीनेक्स्ट को लागू करके और पुराने, बिखरे हुए सिस्टम को हटाकर, हमने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां जानकारी सहज रूप से साझा होती है और सभी लोग तेजी और समझदारी से काम कर सकते हैं। यह सिर्फ डिजिटल तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि शिक्षा के कामकाज की सोच और उसके निष्पादन में एक अहम बदलाव है।

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