प्लास्टिक पुनर्चक्रण पर से GST हटाया जाए : सूशील अग्रवाल
शब्दवाणी सम्माचार टीवी , वीरवार 19 फरवरी 2026, ( प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। प्लास्टिक से बनी वस्तुओं के उपयोग के बाद उनका पर्यावरण और पृथ्वी पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है, क्योंकि प्लास्टिक हजारों–लाखों वर्षों तक नष्ट नहीं होता। यह तथ्य सभी जानते हैं, फिर भी इस समस्या पर ठोस और व्यापक चर्चा नहीं हो पाती। इस वैश्विक चुनौती का सबसे प्रभावी समाधान केवल प्लास्टिक का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) ही है, क्योंकि पुनर्चक्रण के माध्यम से प्लास्टिक का दोबारा उपयोग कर विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा प्लास्टिक उत्पादों पर 18 प्रतिशत GST लगाया जाता है। समस्या यह है कि जब वही प्लास्टिक पुनर्चक्रण की प्रक्रिया से गुजरता है, तब भी हर चरण में उस पर पुनः 18 प्रतिशत GST लगाया जाता है। परिणामस्वरूप, यदि प्लास्टिक 5-6 बार पुनर्चक्रण से गुजरता है, तो उसकी लागत में लगभग 100 प्रतिशत तक वृद्धि हो जाती है। इससे पुनर्चक्रण उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होती है और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी बाधा पहुंचती है। प्लास्ट...