भारत में बदलते मौसम: सर्दी, एलर्जी या फ्लू, कैसे पहचानें?
शब्दवाणी सम्माचार टीवी , शुक्रवार 28 अगस्त 2026 ( प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। कई पीढ़ियों से भारत में लोग मौसमी बदलावों को देखकर यह अनुमान लगाते आए हैं कि किस मौसम में किस तरह के संक्रमण होने की संभावना रहती है। सर्दियों में आमतौर पर सर्दी-जुकाम और खांसी होती थी, गर्मियों में त्वचा पर चकत्ते और एलर्जी देखने को मिलती थी, जबकि मानसून अक्सर वायरल बुखार के साथ आता था। लेकिन आज मौसम के ये परिचित पैटर्न बदल रहे हैं। मौसम अब अधिक अनिश्चित हो गया है, जिसमें बढ़ता तापमान, अचानक बारिश, कम या उतार-चढ़ाव वाली सर्दियां और मौसम में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पिछले साल ही कई शहरों में नवंबर तक भारी बारिश हुई थी।[1][2] ये बदलाव वायरल संक्रमण, खासकर श्वसन संक्रमण, के होने के समय और उनकी आवृत्ति को भी प्रभावित कर सकते हैं। मौसम में अचानक होने वाले बदलाव से वायरस के जीवित रहने और फैलने के तरीके प्रभावित हो सकते हैं, जिनके हम पहले उतने अभ्यस्त नहीं थे।[3] वहीं, कई शहरों में वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है,[4] जिससे हमारे फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव...