पीयूष गोयल ने भारत पैकेजिंग एग्ज़ीबिशन 2027 की किया घोषणा

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 14 मार्च 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 6वें इंटरनेशनल समिट फॉर पैकेजिंग इंडस्ट्री (ISPI 2026) के दूसरे दिन वर्चुअल माध्यम से ‘भारत पैकेजिंग एग्ज़ीबिशन 2027’ का शुभारंभ किया। पैकेजिंग 5S-AI – सेफ, सिक्योर, स्टैंडर्डाइज्ड, स्मार्ट, सस्टेनेबल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” थीम पर आयोजित इस समिट के दूसरे दिन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। संसद का सत्र जारी रहने के कारण केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश भेजकर अपने विचार साझा किए। अपने संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैकेजिंग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। बदलते खाद्य तंत्र, उपभोग के नए पैटर्न और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के कारण सुरक्षित और टिकाऊ खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे पैकेजिंग खाद्य सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और उपभोक्ता विश्वास का एक अहम आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि कृषि-खाद्य क्षेत्र, विशेषकर निर्यात के क्षेत्र में भारत तेजी से उभर रहा है। बेहतर कोल्ड-चेन ढांचे और नवीन पैकेजिंग समाधानों की मदद से भारतीय उत्पाद अब वैश्विक प्रीमियम बाजारों तक पहुंच रहे हैं।

वैश्विक मानकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे-जैसे विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के माध्यम से व्यापार का विस्तार कर रहा है, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और भी महत्वपूर्ण होती जाएगी। इससे निर्यात को मजबूती मिलेगी और उत्पादों की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग जैसे संस्थान उद्योगों को तकनीकी मार्गदर्शन, नवाचार, परीक्षण सेवाओं और प्रशिक्षण के माध्यम से महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। गोयल ने पैकेजिंग क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल नवाचार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग को रीसायक्लेबल सामग्री के उपयोग और कचरे में कमी जैसे सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत सप्लाई चेन और नवाचार आधारित उद्योगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। अपने संदेश के दौरान ही उन्होंने ‘भारत पैकेजिंग एग्ज़ीबिशन 2027’ की घोषणा और वर्चुअल लॉन्च किया, जिसका आयोजन भारतीय पैकेजिंग संस्थान द्वारा इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के सहयोग से किया जाएगा।

समिट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तनवीर आलम एडिशनल डायरेक्टर एवं रीजनल ऑफिसर, IIP-दिल्ली ने कहा कि Packaging 5S-AI का ढांचा उद्योग के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिसमें सुरक्षा, संरक्षा और मानकीकरण को स्मार्ट तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों से ट्रेसबिलिटी मजबूत होगी, गुणवत्ता नियंत्रण बेहतर होगा और सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ेगी, साथ ही सस्टेनेबिलिटी को भी प्राथमिकता मिलेगी। आर. के. मिश्रा, IRS, डायरेक्टर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग ने कहा कि ISPI 2026 जैसे मंच नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और वैश्विक विशेषज्ञों को एक साथ लाकर ज्ञान और अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान अनुसंधान, परीक्षण सेवाओं, प्रशिक्षण और तकनीकी पहलों के माध्यम से उद्योग को सहयोग दे रहा है, ताकि भारत का पैकेजिंग इकोसिस्टम मजबूत हो और भारतीय उत्पाद सुरक्षित तथा प्रभावी ढंग से वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें। 

समिट के दूसरे दिन एआई-सक्षम पैकेजिंग सिस्टम, सस्टेनेबल पैकेजिंग मटेरियल, उत्पाद ट्रेसबिलिटी और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए स्मार्ट तकनीक, तथा निर्यात आवश्यकताओं के अनुरूप पैकेजिंग रणनीतियों जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में यह भी बताया गया कि Packaging 5S-AI ढांचा सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ाने, बर्बादी कम करने और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) तथा क्लस्टर आधारित विकास जैसे कार्यक्रमों को मजबूत करने में कैसे सहायक हो सकता है। 1,500 से अधिक प्रतिभागियों और करीब 50 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ ISPI 2026 पैकेजिंग क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यह तीन दिवसीय समिट 14 मार्च 2026 को संपन्न होगा, जिसमें सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार को समर्थन देने के लिए पैकेजिंग प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने पर आगे की चर्चा होगी।

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