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अखिल भारतीय आदिवासी कश्यप कहार निषाद भोई की बैठक संपन्न

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शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 27 अप्रैल 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली।  अखिल भारतीय आदिवासी कश्यप कहार निषाद भोई समन्वय समिति, दिल्ली प्रांत की समन्वय समिति की प्रथम मासिक बैठक सिविल लाइंस स्थित मेसोनिक क्लब, जमुना लॉज, महाराणा प्रताप पार्क में राज्य अध्यक्ष जत्थेदार डॉ. अवतार सिंह की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय संयोजक श्री गुरुचरण सिंह कश्यप ने संगठन की वर्तमान स्थिति और गतिविधियों की जानकारी देते हुए की। उन्होंने विशेष रूप से दक्षिण भारत में हाल ही में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों और सभाओं का उल्लेख किया, जिनमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती रुचि को रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि देशभर में समुदाय के लोग संगठन के विस्तार और सामाजिक उत्थान के लिए उत्साहपूर्वक आगे आ रहे हैं। राज्य महामंत्री डॉ. रमेश साहनी ने बैठक के मुख्य एजेंडे को प्रस्तुत करते हुए सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए। इस दौरान अधिकांश सदस्यों ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, प्रत्येक वार्ड तक पहुंच बढ़ाने और नए सदस्यो...

श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन परीक्षित जन्म की कथा का किया वर्णन

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शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 27 अप्रैल 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844),  गौतमबुधा नगर। सेक्टर 82 के  ईडब्ल्यूएस पॉकेट में स्वामी रूपानंद ब्रह्मचारी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास नीलांशु दास जी महाराज ने परीक्षित जन्म सहित अन्य कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।महाभारत में जब पांडव विजई हो गए तो अश्वत्थामा ने कुरु वंश को नष्ट  करने के लिए रात्रि में चुपके से शिविर में घुसकर द्रोपदी के पांच पुत्रों  को मार दिया। इसके उपरांत उसने अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु को नष्ट करने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। जब ब्रह्मास्त्र की अग्नि से उत्तरा तड़पने लगी तो भगवान कृष्ण की शरण में आई। भगवान कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से ब्रह्मास्त्र को नष्ट किया और शिशु की रक्षा कर उसे अपने विराट रूप का दर्शन कराया। जब शिशु का जन्म हुआ तो वह उसी रूप को ढूंढ रहा था । जन्म से पहले परीक्षा के कारण नाम परीक्षित पड़ा जो बाद में चलकर एक महान राजा हुए। इस मौके पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राघवेंद्र दुबे, संयोजक संजीव ढाली, देव...

बढ़ती गर्मी में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

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शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 27 अप्रैल 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली।  राजधानी सहित पूरे उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचते ही ‘लू’ का खतरा तेजी से बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आमजन, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लू, गर्म और शुष्क हवाओं के कारण शरीर के तापमान को असंतुलित कर देती है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। समय रहते लक्षणों को पहचानना और बचाव करना बेहद जरूरी है। लू लगने पर शरीर तुरंत प्रतिक्रिया देता है। तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, त्वचा का लाल और सूखा होना, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। ये हैं लू के खतरनाक संकेत हैं। साथ ही तेज धूप में लंबे समय तक रहना, शरीर में पानी और नमक की कमी, गर्मी में अत्यधिक मेहनत, सिर ढके बिना बाहर निकलना और शरीर ...

अखिला सेवक समाज काउंसिल ने राष्ट्रीय अभियान की किया शुरुआत

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शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 27 अप्रैल 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली।  देश में सामाजिक सेवा के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में अखिला सेवक समाज काउंसिल (ASSC) ने अपने औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की है। यह राष्ट्रीय स्तर का संगठन ‘निष्काम सेवा’ यानी निस्वार्थ सेवा के सिद्धांत पर कार्य करते हुए सामाजिक न्याय, सामुदायिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सेवा परमोधर्म के मूल विचार से प्रेरित यह काउंसिल एक सशक्त मंच तैयार करने का लक्ष्य रखती है, जो जमीनी स्तर पर काम करने वाले समुदायों को सरकारी योजनाओं और सामाजिक संगठनों से जोड़ सके। अपने प्रारंभिक चरण में संगठन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक और प्रभावी पहलों की मजबूत नींव रखने पर कार्य कर रहा है।वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को केंद्र में रखते हुए, ASSC स्वयं को एक सेतु के रूप में स्थापित करना चाहता है जो लोगों तक योजनाओं की जानकारी, उनकी पहुंच और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सके। संगठन का कार्य पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है: सामाजिक न्याय, सामुदायिक ...