सीमित क्षेत्र में अत्यधिक आबादी भी बढ़ा रही है CO₂ स्तर : मेजर जनरल डॉ. श्री पाल
शब्दवाणी सम्माचार टीवी , वीरवार 26 फरवरी 2026, ( प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। वायु प्रदूषण को लेकर अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि इसका मुख्य कारण केवल वाहनों से निकलने वाला धुआँ है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है। हाल ही में बैंकरमैन की विस्तृत स्टडी में यह स्पष्ट किया गया है सीमित स्थान पर अत्यधिक आबादी का दबाव भी कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के बढ़ते स्तर का एक बड़ा कारण है। बैंकरमैन स्टडी के प्रमुख मेजर जनरल डॉ. श्री पाल के अनुसार जब किसी छोटे भौगोलिक क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व अत्यधिक बढ़ जाता है तो सांस लेने, ऊर्जा उपयोग, कचरा उत्पादन, निर्माण गतिविधियों और संसाधनों के अत्यधिक उपभोग के कारण CO₂ का स्तर तेजी से बढ़ता है। बैंकरमैन स्टडी में यह भी देखा पर्यावरण में वायु प्रदूषण केवल ट्रैफिक उत्सर्जन का परिणाम नहीं है बल्कि मानवीय गतिविधियों के सामूहिक प्रभाव का नतीजा भी है। बैंकरमैन स्टडी के प्रमुख मेजर जनरल डॉ. श्री पाल का कहना है कि पिछले लगभग तीन वर्षों से वे सरकार और आम जनता दोनों को इस वैज्ञानिक डेटा के आधार पर सचेत कर रहे थे। संस्थ...