बढ़ती गर्मी में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 27 अप्रैल 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। राजधानी सहित पूरे उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचते ही ‘लू’ का खतरा तेजी से बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आमजन, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लू, गर्म और शुष्क हवाओं के कारण शरीर के तापमान को असंतुलित कर देती है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। समय रहते लक्षणों को पहचानना और बचाव करना बेहद जरूरी है। लू लगने पर शरीर तुरंत प्रतिक्रिया देता है। तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, त्वचा का लाल और सूखा होना, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। ये हैं लू के खतरनाक संकेत हैं। साथ ही तेज धूप में लंबे समय तक रहना, शरीर में पानी और नमक की कमी, गर्मी में अत्यधिक मेहनत, सिर ढके बिना बाहर निकलना और शरीर का तापमान नियंत्रित न रह पाना इसलिए लू लूग सकती है। लू से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ सावधानियां जैसे दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करें, कच्चे आम का शरबत (आम पन्ना), बेल का शरबत और नारियल पानी शरीर को ठंडा रखते हैं, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें, बाहर निकलते समय सिर और कान को ढककर रखें, डॉक्टर की सलाह जरूरी, यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है बताया है। रैकितु मल्टिस्पेशलिटी केंद्र, द्वारका के डॉ. पी. राकेश ने बताया कि सही समय पर सावधानी और उपचार से लू के प्रभाव को पूरी तरह रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्मी के इस मौसम में लापरवाही न बरतें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

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