श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन परीक्षित जन्म की कथा का किया वर्णन

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 27 अप्रैल 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), गौतमबुधा नगर। सेक्टर 82 के  ईडब्ल्यूएस पॉकेट में स्वामी रूपानंद ब्रह्मचारी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास नीलांशु दास जी महाराज ने परीक्षित जन्म सहित अन्य कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।महाभारत में जब पांडव विजई हो गए तो अश्वत्थामा ने कुरु वंश को नष्ट  करने के लिए रात्रि में चुपके से शिविर में घुसकर द्रोपदी के पांच पुत्रों  को मार दिया। इसके उपरांत उसने अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु को नष्ट करने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। जब ब्रह्मास्त्र की अग्नि से उत्तरा तड़पने लगी तो भगवान कृष्ण की शरण में आई। भगवान कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से ब्रह्मास्त्र को नष्ट किया और शिशु की रक्षा कर उसे अपने विराट रूप का दर्शन कराया। जब शिशु का जन्म हुआ तो वह उसी रूप को ढूंढ रहा था । जन्म से पहले परीक्षा के कारण नाम परीक्षित पड़ा जो बाद में चलकर एक महान राजा हुए। इस मौके पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राघवेंद्र दुबे, संयोजक संजीव ढाली, देवमणि शुक्ल,  रमेश शर्मा, गोरे लाल, रवि राघव, संजय पांडेय, सर्वेश तिवारी, विष्णु शर्मा, नीरज शर्मा, टोनी कपूर, रमेश वर्मा, निर्मल बिस्वास, गोपाल पाल, असीम मजूमदार, संतोष बिस्वास, मखन बसु, बाबू सरकार, कनाई लाल, असित बाघ, गोविंद बिस्वास, संजय हालदार, तुषार, प्रेम जी, टोनी ढाली , सुखदेव, शुभमय, विश्वजीत सरकार, अनिमेष मंडल,  सहित भारी संख्या में सेक्टर वासी मौजूद रहे।

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