सिंधी भाषा संवर्धन संस्थान के उप-कुलपति पर सवाल
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 29 जनवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर NCPCSL के उप-कुलपति श्री सुनील बाबूराव कुलकर्णी जी का सोशल मीडिया पर दिया गया बधाई संदेश देखा-सुना। हालांकि, एक गंभीर शंका मन को व्यथित कर रही है। सिंधी भाषा के संवर्धन एवं विकास हेतु गठित संस्थान का प्रमुख गैर-सिंधी भाषी होना उचित लगता है क्या? भारतीय होने के नाते सभी का सम्मान है, किंतु भाषा के सच्चे संरक्षण के लिए उसी भाषा एवं सामाजिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति ही सक्षम होता है। गैर-सिंधी भाषी सज्जन का भाषा से निष्कपट प्रेम संदिग्ध रहता है यह अक्सर सरकारी पद और वेतन तक सीमित रह जाता है। सवाल उठता है क्या सिंधी समाज में कोई योग्य सज्जन सरकार को दिखाई नहीं दिया? क्या प्राप्त फंड का सही दिशा में सदुपयोग हो रहा है, या दुरुपयोग की आशंका है? दुखद यह कि गणतंत्र दिवस संदेश को सिंधी भाषा में देने का प्रयास तो किया गया, किंतु सही उच्चारण तक का ध्यान नहीं रखा गया। यह सिंधी समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। सिंधी समाज को इस पर गहन विचार करना चाहिए। सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक यह रोष एवं चिंता पहुँचाना आवश्यक है ताकि भाषा संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम उठें।




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