कुताई मुलावर्मन राजशाही ने डॉ.भार्गव मल्लप्पा को दातो उपाधि से किया सम्मानित
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 31 जनवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। डॉ. भार्गव मल्लप्पा को इंडोनेशिया की सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित पारंपरिक शाही संस्थाओं में से एक, कुताई मुलावर्मन राजशाही द्वारा मानद शाही आदत उपाधि “एचई दातो’ डॉ. भार्गव मल्लप्पा” प्रदान की गई है। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान को मिली औपचारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। इस सम्मान के साथ डॉ. भार्गव मल्लप्पा कुताई मुलावर्मन की शाही परंपरा के अंतर्गत यह प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त करने वाले तीसरे भारतीय नागरिक बन गए हैं। यह सम्मान उन चुनिंदा व्यक्तियों को दिया जाता है, जिनके कार्य और योगदान को राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय सीमाओं से परे महत्व दिया जाता है। यह उपाधि सब्दा पंडिता के माध्यम से औपचारिक रूप से प्रदान की गई, जो कुताई मुलावर्मन के महाराज दुली यांग महा मुलिया श्रीपादुका बगिंदा बेरदौलत आगुंग महाराजा कुताई मुलावर्मन द्वारा जारी किया गया आधिकारिक शाही आदेश है। यह सम्मान कुताई मुलावर्मन की दीर्घकालिक आदत इस्तियादत (परंपरागत रीति-रिवाज और customary law) के अनुरूप प्रदान किया गया। उपाधि को इंडोनेशिया के तेंग्गारोंग स्थित शाही अभिलेखों में विधिक और परंपरागत प्रावधानों के तहत आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया है।
कुताई मुलावर्मन परंपरा के अनुसार दातो की मानद उपाधि केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रदान की जाती है, जिन्होंने असाधारण योग्यता, नेतृत्व क्षमता और दीर्घकालिक योगदान के माध्यम से विशिष्ट पहचान स्थापित की हो। यह उपाधि शाही संस्था के साथ सम्मान, विश्वास और स्थायी संबंध का प्रतीक मानी जाती है। सम्मान प्राप्त करने पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि कुताई मुलावर्मन राजशाही द्वारा मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि सेवा, ईमानदारी और सांस्कृतिक सम्मान जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस मान्यता को भारत और इंडोनेशिया के बीच सार्थक सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करने के लिए समर्पित बताया। डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कुताई मुलावर्मन राजशाही के राजकुमार दातो सेरी डॉ. क्रिश्चियन किंग्सले गोह क्वे केंग का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सम्मान के लिए उनकी संस्तुति की और नुसंतारा यात्रा के दौरान आतिथ्य प्रदान किया। यह सम्मान समारोह नुसंतारा , इंडोनेशिया में आयोजित किया गया। इसे भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक और परंपरागत संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।




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