गुरुग्राम में नित्यानंद त्रयोदशी महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 2 फरवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), गुरुग्राम। गुरुग्राम में सेक्टर 43 के हरे कृष्ण मंदिर परिसर में नित्यानंद त्रयोदशी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और विविध धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे की धुन से पूरा मंदिर गुंजायमान हो गया। सभी भक्त इस कीर्तन के साथ नृत्य में झूमे। वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के वाइस प्रेसिडेंट अर्जुननाथ दास ने बताया कि चंद्रोदय मंदिर की यह शाखा गुरुग्राम में स्थापित की गई है, जहां पर यह पारंपरिक उत्सव आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर फूलों के अभिषेक सहित विविध वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत महाआरती, संकीर्तन और महाप्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को वृंदावन स्थित भक्ति वेदांत स्वामी मार्ग पर स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में भी नित्यानंद त्रयोदशी महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर को पुष्प सज्जा से आकर्षक रूप दिया गया तथा छप्पन भोग, पालकी उत्सव और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रीश्री निताई गौर का महाभिषेक किया गया।गौरतलब है कि गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय में माघ मास की त्रयोदशी को श्रील नित्यानंद महाप्रभु (जो श्री बलराम अवतार हैं) के आविर्भाव दिवस के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि श्रील नित्यानंद महाप्रभु द्वापर में प्रभु श्रीराम के अनुज लक्ष्मण, त्रेता युग में श्रीकृष्ण के बडे़ भाई बलराम और कलिकाल में नित्यानंद महाप्रभु के रूप में सन् 1474 में पश्चिम बंगाल के बीरभूमि के छोटे से गांव एकचक्र में मुकुंद पंडित एवं पद्मावती के यहां अवतरित हुए थे।




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