आर्य समाज ने नववर्ष पर 15,000 से अधिक परिवारों को ऊनी वस्त्र, कम्बल, खिलौने किया प्रदान
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 9 जनवरी 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। नववर्ष के पावन अवसर पर आर्य समाज ने अभावग्रस्त जनों को ऊनी वस्त्र, कम्बल, खिलौने एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के सफल वितरण की घोषणा की, जो अपनी द्विदशाब्दीय सेवा एवं सामाजिक उन्नयन की प्रतिज्ञा को दृढ़ करती है। यह नववर्ष अभियान एक विस्तृत मासिक अभियान का भाग है, जिसके द्वारा आर्य समाज ने विविध समुदायों में 15,000 से अधिक अभावग्रस्त परिवारों को समान सामग्री उपलब्ध कराई है। भूतकालिक एक मास में आर्य समाज के स्वयंसेवकों एवं समर्थकों ने कठोर वातावरण से पीड़ित दुर्बल कुटुम्बों को ऊनी वस्त्र, कंबल, बच्चों के वस्त्र, खिलौने एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित शीतकालीन सहायता सामग्री का संकलन कर वितरित की। दानित वस्तुओं में से 70 प्रतिशत से अधिक अन्तर्राष्ट्रीय अनुयायियों, विशेषतः आर्य प्रतिनिधि सभा अमेरिका के गैर-सरकारी संगठन आहना से प्राप्त हुईं, जबकि शेष अंश दिल्ली प्रदेश के दानकर्ताओं द्वारा उदारतापूर्वक प्रदान किए गए।
बढ़ते दान के परिमाण को कुशलतापूर्वक संभालने हेतु आर्य समाज ने दिल्ली के डीसीएम रेलवे कॉलोनी में त्रिस्तरीय संग्रहण एवं छँटाई केन्द्र स्थापित किया है, जो दानित सामग्री को ग्रहण करने, विभाजित करने, शुष्क शोधन करने एवं बन्धन करने का मध्यवर्ती केन्द्र है। इस केन्द्र से वस्तुओं को आयु, लिंग एवं आवश्यकता वर्ग के अनुसार व्यवस्थित रूप से छना जाता है, ताकि प्रत्येक प्रेषण सबसे योग्य लाभग्राहियों तक सुव्यवस्थित एवं सम्मानपूर्ण ढंग से पहुँचे। इस प्रसंग पर बोलते हुए, दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामन्त्री श्री विनय आर्य ने कहा, “आर्य समाज का सदा विश्वास रहा है कि सर्वोत्तम उत्सव उन जनों की सेवा में निहित है, जिन्हें हमारी सर्वाधिक आवश्यकता है। इस नववर्ष में हमारे स्वयंसेवक एवं दानकर्ता ऊनी वस्त्र, कंबल, खिलौने एवं अन्य आवश्यक द्रव्यों के वितरण द्वारा सहस्रों परिवारों के साथ उष्णता, सम्मान एवं आशा साझा करने हेतु एकजुट हुए। भारत एवं विश्वव्रत से समर्थकों के संनादन से यह प्रयास वैश्विक आर्य समाज परिवार की सेवा-निष्ठा को प्रतिबिम्बित करता है।
हम इस कार्य को सुदृढ़ करने एवं विस्तारित करने के प्रति निष्ठावान हैं, ताकि कोई शीत में एकाकी न रहे तथा प्रत्येक परिवार नववर्ष को नवीनीकृत विश्वास एवं सम्बन्ध-भाव के साथ स्वागत करे। शीतकालीन सहायता के अतिरिक्त, आर्य समाज के दानकर्ता विवाह वस्त्र एवं सम्बद्ध वस्तुएँ भी प्रदान करते हैं, जिन्हें सावधिकार शुष्क शोधन कर आर्थिक रूप से दुर्बल वर्गों के वर-वधुओं को प्रतिगमन योग्य आधार पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रक्रिया द्वारा आर्य समाज जोड़ों के विशेष दिवस को शोभायुक्त बनाने के स्वप्न को साकार करता है तथा उच्चकोटि वस्त्रों के उत्तरदायित्वपूर्ण पुनर्वापी उपयोग को प्रेरित कर पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करता है। लगभग विंशतिवर्षों से आर्य समाज अभावग्रस्तों को वस्त्र, कंबल एवं अन्य आवश्यक द्रव्यों के वितरण हेतु ऐसे अभियान निरन्तर संचालित करता रहा है, जिससे सेवा उसकी सामाजिक एवं आध्यात्मिक साधना का अभिन्न अंग बन गई है। भारत एवं परदेशी दानकर्ताओं के सतत समर्थन से आर्य समाज भावी वर्षों में इन प्रयासों को और विस्तृत कर अधिक कुटुम्बों एवं समुदायों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है।




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