हवा बदलो स्कूल वॉरियर 3.0 का शुभारंभ
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, रविवार 4 जनवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारत में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे राष्ट्रीय अभियान हवा बदलो ने अपने प्रमुख छात्र-केंद्रित अभियान हवा बदलो स्कूल वॉरियर 3.0 का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया। यह पहल बच्चों और युवाओं को स्वच्छ हवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस अभियान का शुभारंभ गेल (इंडिया) लिमिटेड के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में श्री प्रवीर कुमार अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक – प्रशिक्षण, गेल (इंडिया) लिमिटेड, विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन और गेल के निरंतर समर्थन से यह अभियान देशभर में और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है। हवा बदलो स्कूल वॉरियर 3.0 के तहत देशभर के स्कूलों के छात्रों को वायु प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली जैसे विषयों पर सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। छात्र निबंध, चित्र, वीडियो, नवाचार और अन्य रचनात्मक माध्यमों से स्वच्छ हवा से जुड़े अपने विचार और समाधान साझा कर सकते हैं। इस अभियान में बच्चों को केवल सीखने वाला नहीं, बल्कि बदलाव लाने वाला माना गया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और समझ विकसित करना है। हालांकि बच्चे सीधे नीतियां नहीं बनाते, लेकिन वे अपने परिवार, स्कूल और समाज में सोच और व्यवहार को बदलने की बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। स्कूल वॉरियर 3.0 का लक्ष्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो स्वच्छ हवा को अपना अधिकार और साझा जिम्मेदारी माने। कार्यक्रम के दौरान एक विचारपूर्ण पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसका संचालन श्री अजय पांडे, सह-संस्थापक, थिंक थ्रू कंसल्टिंग ने किया। पैनल में शामिल थे सुश्री तारु मेहता, एसोसिएट डायरेक्टर, पर्यावरण शिक्षा एवं जागरूकता Teri, सुश्री अनुमिता रॉयचौधरी , कार्यकारी निदेशक, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE), सुश्री ज़ैनब बी , क्लाइमेट, एनर्जी एवं फिलैंथ्रॉपी स्ट्रैटेजिस्ट, संयुक्त राष्ट्र, एक स्कूली छात्र, जो युवा दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
पैनल चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि पर्यावरण शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में उतारना जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं और यदि उन्हें सही दिशा दी जाए, तो भारत एक हरित और स्वस्थ देश बन सकता है। अभियान में रचनात्मकता के साथ-साथ भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या पर भी ध्यान दिया गया, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां इसका स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है। बच्चों को इस मुद्दे से जोड़कर हवा बदलो लंबे समय तक सोचने और जिम्मेदारी लेने की भावना विकसित करना चाहता है। हालांकि यह अभियान छात्रों पर केंद्रित है, लेकिन इसका प्रभाव शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदायों तक भी पहुंचता है। हवा बदलो स्कूल वॉरियर 3.0 जागरूकता और कार्रवाई के बीच सेतु बनते हुए यह संदेश देता है कि बदलाव संवाद से शुरू होता है, और उस संवाद की शुरुआत अक्सर बच्चों की आवाज़ से होती है।




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