दिव्यांगजनों के लिए समावेशी और प्रौद्योगिकी-संचालित सशक्तिकरण को केंद्र सरकार की नई गति
शब्ण सम्माचार टीवी, शुक्रवार 9 जनवरी 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का भाव दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन में समयबद्ध सेवाओं, सशक्त संस्थागत व्यवस्थाओं और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से परिलक्षित होना चाहिए,” यह बात डॉ. वीरेन्द्र कुमार, माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने अधिकारों से दिव्यांगजन अधिनियम, 2016 के अंतर्गत गठित केंद्रीय सलाहकार बोर्ड (CAB) की 8वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। यह बैठक डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित हुई। मंत्री ने सुगम्यता, समावेशन और सशक्तिकरण के प्रति भारत सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि संवाद और सहकारी संघवाद के माध्यम से ही प्रगतिशील कानूनों को धरातल पर ठोस परिणामों में बदला जा सकता है।
बैठक के दौरान डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने, प्रशिक्षित मानव संसाधन बढ़ाने और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। समयबद्ध सेवा प्रदाय पर बल देते हुए उन्होंने राज्यों से दिव्यांगता प्रमाणन तथा यूनिक डिसएबिलिटी आइडेंटिफिकेशन (UDID) कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। इसके लिए दिव्यांगता बोर्डों की बैठकों की आवृत्ति बढ़ाने, अधिसूचित अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार करने, पैनल में निजी विशेषज्ञों को शामिल करने तथा UDID परियोजना के प्रति राज्य स्तर पर जागरूकता और निगरानी सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि CAB जैसे मंचों पर होने वाला सार्थक मंथन नीतिगत सुधार और प्रभावी कार्यान्वयन में सहायक होता है।
मंत्री ने प्रमुख चर्चाओं का उल्लेख करते हुए UIDAI–UDID API एकीकरण और तमिलनाडु में 45,000 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान को रेखांकित किया, जिनका डेटा अब राज्य डेटाबेस के माध्यम से सुव्यवस्थित किया जा सकता है। उन्होंने निजी क्षेत्र में दिव्यांगजनों को रोजगार देने वाले नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहनों को पुनः आरंभ करने तथा सुगम्य भारत अभियान के अंतर्गत पुनः व्यापक जनजागरूकता की मांगों का संज्ञान लिया। डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने ADIP योजना, कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रमों और सुगम्यता पहलों सहित प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत धनराशि के समयबद्ध उपयोग के महत्व पर बल दिया, यह कहते हुए कि राज्यों की सक्रियता से सेवा प्रदाय में उल्लेखनीय तेजी आती है। लद्दाख, सिक्किम और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में समग्र क्षेत्रीय केंद्रों (CRC) के विस्तार पर भी चर्चा हुई, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संतुलित क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
श्री बी. एल. वर्मा, माननीय राज्य मंत्री, सामाजिक न्याय और अधिकारिता ने सदस्यों का स्वागत करते हुए CAB को केंद्र, राज्यों और हितधारकों के बीच समन्वित कार्रवाई का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने नीति से क्रियान्वयन की ओर संक्रमण पर जोर देते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदाय, UDID प्रणाली को मजबूत कर लंबित मामलों में कमी, तथा विशेषकर दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में ADIP योजना के अंतर्गत अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने ADIP–SSA योजना के अंतर्गत बच्चों के लिए विशेष समन्वय तथा AIC–SIPDA जैसी योजनाओं में निधियों के समयबद्ध उपयोग पर भी बल दिया।
श्रीमती वी. विद्याावती, सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दोहराया कि CAB दिव्यांगता क्षेत्र में सर्वोच्च नीति-सिफारिश निकाय है और अधिनियम के क्रियान्वयन की निगरानी में इसकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि बैठक केवल नियमित समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि UDID की बाधाओं, सहायक उपकरणों, प्रधानमंत्री दिव्य शक्ति पहलों के विस्तार तथा समावेशी शिक्षा, पुनर्वास, रोजगार और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी गहन चर्चा हुई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच परस्पर सीख के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने अधिनियम के समान, प्रभावी और सार्थक क्रियान्वयन को साझा जिम्मेदारी बताया।
संयुक्त सचिव श्री राजीव शर्मा ने दिन के एजेंडे की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि विचार-विमर्श से व्यावहारिक सिफारिशें और एक स्पष्ट कार्ययोजना सामने आएगी, जिससे प्रौद्योगिकी-सक्षम, समावेशी सेवा प्रदाय को मजबूती मिलेगी और दिव्यांगजन भारत की विकास यात्रा में पूर्ण सहभागिता, स्वतंत्रता और गरिमा के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की 8वीं बैठक में डॉ. वीरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में श्री बी. एल. वर्मा, माननीय राज्य मंत्री; तमिलनाडु के माननीय मंत्री एवं बोर्ड सदस्य; माननीय सांसद श्री ई.टी. मोहम्मद बशीर; श्रीमती. वी. विद्यावती, सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग; तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का समापन संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, श्री राजीव शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




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