राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यांग लोगों को नेशनल अवार्ड्स 2025 से किया सम्मानित

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 4 दिसंबर 2025 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यांग लोगों के सशक्तिकरण के लिए नेशनल अवार्ड्स 2025 में एक दमदार संदेश के साथ देश को प्रेरित किया, और कहा कि एक समाज जो हर व्यक्ति की काबिलियत को अपनाता है वह ज़्यादा मज़बूत, ज़्यादा इंसानी और ज़्यादा खुशहाल बनता है। इंटरनेशनल दिव्यांग लोगों के दिवस पर विज्ञान भवन में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने देश को याद दिलाया कि सबको शामिल करना, सम्मान और समान अवसर ही देश की तरक्की के असली पैमाने हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह दिन बहुत अहमियत रखता है क्योंकि यह हमें एक ऐसा समाज बनाने की हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है जो हर नागरिक खासकर हमारे दिव्यांगजनों के लिए न्यायपूर्ण, सबको साथ लेकर चलने वाला और काबिल बनाने वाला हो।

राष्ट्रपति ने बेहतरीन कामों का सम्मान करने और दिव्यांग लोगों को मज़बूत बनाने के लिए भारत के लंबे समय से चले आ रहे कमिटमेंट पर ज़ोर दिया और कहा कि ये अवार्ड्स न केवल असाधारण उपलब्धियों को पहचान देते हैं बल्कि दया, ज़िम्मेदारी और काम करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने 32 अवॉर्ड पाने वालों की हिम्मत और लीडरशिप की तारीफ़ की, और उन्हें भारत के सम्मान, बराबरी और सबको साथ लेकर चलने के वादे का शानदार उदाहरण बताया। दिव्यांग लोगों के अधिकार एक्ट 2016 के बड़े बदलाव लाने वाले असर को याद करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के अधिकारों पर आधारित फ्रेमवर्क की ओर बदलाव पर ज़ोर दिया जो पहुँच, सही सुविधा, कानूनी सुरक्षा और शिक्षा और पब्लिक सर्विस में बेहतर प्रतिनिधित्व की गारंटी देता है। उन्होंने खास तौर पर दिव्यांग बच्चों की तारीफ़ की, जिन्होंने अपनी दिव्यांगता के बावजूद अपनी काबिलियत में बहुत अच्छा किया। प्रेसिडेंट हाउस में दिव्यांगजनों के लिए कई पहलें की जा रही हैं, और वहां एक पर्पल फेस्ट भी ऑर्गनाइज़ किया गया था।

वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, यूनियन सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट मिनिस्टर, डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के लीडरशिप और विज़न में, सरकार दिव्यांगजनों को बहुत कीमती ह्यूमन कैपिटल मानती है और उन्हें बराबर मौके देने के लिए पूरी तरह कमिटेड है। डॉ. कुमार ने UDID, आसान इंफ्रास्ट्रक्चर इनिशिएटिव, ADIP स्कीम के तहत करीब 33 लाख बेनिफिशियरी को डिस्ट्रीब्यूशन की सफलता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि जब भारत के प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के ज़रिए देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात करते हैं, तो हमारे दिव्यांगजनों का योगदान और कोशिशें भी इस विज़न का एक अहम हिस्सा हैं।

अपने वेलकम स्पीच में, डिपार्टमेंट ऑफ़ एम्पावरमेंट ऑफ़ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज़ की सेक्रेटरी, श्रीमती वी. विद्यावती ने सभी अवॉर्ड जीतने वालों को दिल से बधाई दी और इस साल के नेशनल अवॉर्ड्स को मिले शानदार देशव्यापी रिस्पॉन्स पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के ज़रिए 2,423 एप्लीकेशन मिले, जो दिव्यांग लोगों में बढ़ती जागरूकता और आत्मविश्वास को दिखाता है। उन्होंने आसान इंफ्रास्ट्रक्चर, शुरुआती दखल देने वाली सर्विस, कैपेसिटी-बिल्डिंग इंस्टीट्यूशन और टेक्नोलॉजी से चलने वाले सुधारों के लिए सरकार के कमिटमेंट को दोहराया जो एक ज़्यादा बराबर और बिना रुकावट वाला भारत बना रहे हैं। अवॉर्ड पाने वालों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धियां देश भर में लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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