एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग 98 फीसदी तक बढ़ी
भारत सरकार की सख़्त कार्रवाई के चलते उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, बुधवार 15 अप्रैल 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। एलपीजी की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं की सोच में साफ़ और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है; कमी की चिंता और घबराहट में खरीदारी के बजाए अब आपूर्ति में उनका भरोसा बढ़ा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार की सख़्त कार्रवाई, लगातार आपूर्ति और ज़्यादा पारदर्शिता के चलते उन्हें विश्वास हो गया है कि बिना किसी रूकावट के एलपीजी की आपूर्ति जारी रहेगी। यही कारण है कि उनका व्यवहार अब शांत हो गया है, जो डिजिटल तरीकों के अडॉप्शन में तेज़ी और जमाखोरी की घटनाओं में आई कमी से साफ़ ज़ाहिर होता है। एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, मार्च 2026 से अब तक 1.28 लाख से ज़्यादा इंस्पेक्शन किए गए और छापे मारे गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 59,000 से ज़्यादा एलपीजी सिलेंडर ज़ब्त किए गए हैं। इन लक्षित कार्रवाइयों का उद्देश्य जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर रोक लगाना, घरेलू एलपीजी के गलत इस्तेमाल को रोकना और वितरण नेटवर्क में पारदर्शिता बढ़ाना है।
भारत की एलपीजी वितरण प्रणाली लगातार मज़बूत हो रही है। घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और कहीं भी सिलेंडर की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है; एक ही दिन में 51 लाख से ज़्यादा परिवारों को एलपीजी सिलेंडर मिले हैं। ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटरशिप्स रविवार को भी काम कर रही हैं ताकि बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और उपभोक्ताओं की मांग पूरी होती रहे। इसके साथ ही विभिन्न सेगमेन्ट्स में आपूर्ति की स्थिरता बनी हुई है खाद्य, पॉलिमर और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए थोक गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। कच्चे तेल के पर्याप्त भंडार एवं रिफाइनरी के अनुकूल संचालन के चलते 23 मार्च से अब तक 10 लाख से ज़्यादा कमर्शियल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। प्रवर्तन, आपूर्ति और सर्विस डिलीवरी के ये उपाय उपभोक्ताओं की सुरक्षा, सिस्टम अखंडता और देश भर में एलपीजी सिस्टम के प्रति लगातार भरोसा बनाए रखने पर सरकार के फोकस को दर्शाते हैं।





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