बिहार विधान सभा में मिथिला राज्य के लिये प्रस्ताव पारित करे : बैद्यनाथ चौधरी बैजू

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 25 जुलाई 2025 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति और मिथिला वासी के तरफ से जंतर मंतर नई दिल्ली पर धरना प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय संयोजक प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार झा ने की जिसमें हजारों मैथिलों ने हिस्सा लिया.बाद में धरना की अध्यक्षता पं० मुनि कुमार झा और संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी ईंजीनीयर शिशिर कुमार झा ने की.दूरभाष पर सम्बोधित करते हुये राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि सनातनी मिथिला को राज्य की मांग करते हुए 100 बरस से ऊपर हो गया.इस भौगोलिक क्षेत्र में बंगाल से बिहार, उड़ीसा और झारखंड राज्य बन गया. मिथिला क्षेत्र लगातार बिहार से अलग होने की मांग कर रहा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी ईंजीनीयर शिशिर कुमार झा ने कहा कि मैथिलों के लिए बिहारी शब्द मिथिला के नैतिक पहचान ,नैतिक मूल्य ,सभ्यता -संस्कृति, भाषा एवं विकास में बाधक है .बिहार में मैथिलों की पहचान लुप्त होती जा रही है।  

सरकारी उपेक्षा के कारण दरभंगा में उच्च न्यायालय की बेंच वर्षो से अधर में लटका हुआ है। मैथिल के मान-सम्मान एवं पहचान के लिये मिथिला राज्य जरूरी है।प्रो० अमरेंद्र कुमार झा ने धमकी दी है कि यथाशीघ्र मिथिला राज्य का गठन नही किया गया तो बिहार से दिल्ली तक जोरदार आंदोलन किया जायेगा। आगामी बिहार विधान सभा चुनाव को देखते हुये सभी विधायक और सांसद से मिथिला-मैथिली के लिये अपने प्रयासों से किये संघर्ष का ब्यौरा मांगा है। अपने अध्यक्षीय भाषण मे पं० मुनि कुमार झा   ने कहा कि मैथिली भाषा संवैधानिक होने के बाद भी राज्य और केन्द्र में उपेक्षित है। मिथिला राज्य अभियानी श्री विभु झा,श्रीमति सविता मिश्र,डा० रजिपाल झा, रमण नायक, अभिनेता अंजनि कुमार, भोला झा"गुरूजी" , रामाशीष महतो,सी ए वसंत झा " वत्स " ,एडवोकेट प्रदीप झा, फूल कुमार, कृष्ण कुमार मिश्र,विष्णु देव यादव, अनिल कुमार झा,मोहन राज झा,नवीन मंडल, साजन झा,आरिफ खान,पत्रकार संतोष झा, पत्रकार मिहिर कुमार झा,पत्रकार निशांत झा,कृष्ण कुमार मिश्र, अजय झा,सुखदेव पासवान, अनिल कुमार झा ने कहा कि मिथिला सरकारी उपेक्षा के कारण गति एवं दिशाहीन हो गया है.शिक्षा और स्वास्थ्य के स्तर में तीव्र पतन हो रहा है।  आजादी के 78 वर्षों में बेरोजगारी और पलायन में बेहताशा वृद्धि हुई है .सभी मिल, उद्योग- धंधे बंद हो गए हैं। प्रमुख मांगों में पृथक मिथिला राज्य, मैथिली भाषा का संरक्षण एवं संवर्धन, मिथिला के सर्वांगीण विकास के अलावा 41 सूत्री मांग है.जिसमें नेपाल में डैम बनाकर बाढ़ का स्थाई निदान , आईआईटी,आईआईएम, मैथिली में दूरदर्शन , पलायन और बेरोजगारी का रोकथाम,  एवं आर्मी में मिथिला रेजिमेंट बनाना प्रमुख है थे। प्रमुख वक्ताओं में पं अशोक झा, पं० हरेकांत झा, पं० सुनहरी लाल झा,पं० रविन्द्र मिश्रा थे। 2 वर्ष पहले 70 दिन 700 किलोमीटर संकल्प मिथिला राज्य पदयात्रा-2023 के लिये ईंजीनीयर झा को मिथिला पाग पहनाकर स्वागत किया गया। नोएडा संयोजक मदन कुमार झा के नेतृत्व में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को ज्ञापन दिया गया। 

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