उत्तर प्रदेश सरकार ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 की स्टेट पार्टनर बनी
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 12 फरवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), मुंबई। उत्तर प्रदेश सरकार 'ग्लोबल बिजनेस समिट 2026' में एक प्रमुख 'स्टेट पार्टनर' के रूप में शामिल हुई है। यह समिट राज्य को अपनी 34 से अधिक क्षेत्रीय नीतियों और 240 मिलियन (24 करोड़) से अधिक उपभोक्ताओं के आधार को प्रदर्शित करने का अवसर देगा। इसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजन, सतत विकास को बढ़ावा देना और उद्यमिता व नवाचार को प्रोत्साहित करना है। उत्तर प्रदेश ने अगले पांच वर्षों में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। राज्य की नीतियां इस आर्थिक गति को शक्ति दे रही हैं। वर्तमान में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 256 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। एमएसएमई सेक्टर में अग्रणी उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का सबसे बड़ा आधार है, जो भारत के कुल एमएसएमई का 14.2% है। यहाँ 90 लाख से अधिक पंजीकृत एमएसएमई हैं, जो राज्य के कुल निर्यात में 45% का योगदान देते हैं। ये मुख्य रूप से इंजीनियरिंग सामान, कालीन, चमड़ा और परिधान जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। समिट में शामिल प्रतिनिधि यह जानेंगे कि ये शक्तियां और विशिष्ट नीतियां निवेश के नए अवसर कैसे पैदा कर सकती हैं।
सरकार का विकसित उत्तर प्रदेश @2047 विज़न दस्तावेज़ साल 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को बदलने का एक व्यापक खाका पेश करता है। राज्य का लक्ष्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों, औद्योगिक विकास, विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था (जिसमें एआई, डीप टेक और सॉफ्टवेयर निर्यात शामिल है) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार कर समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। साथ ही सरकार स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कौशल विकास, शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे, पर्यटन, संस्कृति, ग्रीन टेक्नोलॉजी, अक्षय ऊर्जा, पशुपालन, डिजिटल सेवाओं और रियल एस्टेट विकास पर भी ध्यान दे रही है। सर्विस और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए, यूपी जीसीसी पॉलिसी 2024 राज्य की उस महत्वाकांक्षा को मजबूती देती है कि वह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए पसंदीदा जगह बने। यह पॉलिसी मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा स्थापित आईटी सर्विसेज, आरएंडडी, फाइनेंस, एनालिटिक्स, एचआर और बैक-ऑफिस ऑपरेशंस को लक्षित करती है। इस पॉलिसी के तहत 30 से 50 प्रतिशत तक फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, एडवांस्ड जीसीसी के लिए अधिकतम 25 करोड़ रुपये तक की 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, प्रति वर्ष 80 करोड़ रुपये तक की 20 प्रतिशत ऑपरेशनल सब्सिडी और तीन साल के लिए प्रति वर्ष 20 करोड़ रुपये तक के पेरोल रीइम्बर्समेंट जैसे आकर्षक इंसेंटिव्स दिए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर श्री दीपक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों से विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निवेश आ रहा है। यह दिखाता है कि भारतीय और वैश्विक कंपनियां राज्य की विकास क्षमता पर कितना भरोसा करती हैं। यहाँ देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क, 16,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबा रेलवे ट्रैक और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं, जिनमें जल्द शुरू होने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) भी शामिल है। इससे राज्य में कनेक्टिविटी बेजोड़ है। ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 के साथ हमारी साझेदारी हमें वैश्विक निवेशकों से जोड़ेगी और हमारे विकास के सफर को नई गति देगी। ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर अपनी रणनीतिक पहलों को दिखाने का अवसर देगा। बेहतरीन बुनियादी ढांचे, कुशल प्रतिभा और मजबूत उद्योगों के साथ राज्य आईटी सर्विसेज, स्टार्टअप्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सेमीकंडक्टर्स और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में अवसर पैदा कर रहा है। निवेश को सभी क्षेत्रों में प्रोत्साहित किया जा रहा है—चाहे वे बड़े शहर हों या विकसित होते टियर-2 और टियर-3 शहर।
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