क्रेडाई द्वारा आरपीएल-प्रमाणित श्रमिकों का सम्मान

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 12 फरवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र की शीर्ष संस्था, कन्फेडरेशन ऑफ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स’ एसोसिएशंस ऑफ़ इंडिया (क्रेडाई), अपने सीएसआर फ़ाउंडेशन और सदस्य नेटवर्क के माध्यम से पश्चिमी घाट के क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में अपनी प्रमुख पारिस्थितिक पुनर्वनीकरण पहल के दूसरे चरण की शुरुआत कर रही है। इस चरण की शुरुआत 700 एकड़ भूमि के पुनर्स्थापन से की जा रही है। इसके साथ ही, संगठन ने रिकॉग्निशन ऑफ़ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) प्रमाणन सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले कुशल निर्माण श्रमिकों को सम्मानित कर उनके कौशल और क्षेत्र में योगदान को औपचारिक मान्यता दी। पिछले वर्ष शुरू की गई क्रेडाई की पुनर्वनीकरण पहल का उद्देश्य महाराष्ट्र में नासिक से प्रारंभ करते हुए 25 गांवों में लगभग 9,000 एकड़ क्षतिग्रस्त वन भूमि पर करीब 20 लाख पौधे लगाना है। इस पहल में जागरूकता कार्यक्रमों और सतत विकास प्रथाओं को बढ़ावा देना भी शामिल है। यह कार्यक्रम राह फ़ाउंडेशन और महाराष्ट्र के जिला प्रशासन के सहयोग से क्रियान्वित किया गया। संगठन ने महाराष्ट्र सरकार की हरित पुनर्जीवन प्राथमिकताओं और समुदाय-आधारित वन प्रबंधन ढांचे के अनुरूप कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए जिला कलेक्टर, नासिक के साथ दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

पश्चिमी घाट की असाधारण पारिस्थितिक संवेदनशीलता और रणनीतिक महत्व को देखते हुए, क्रेडाई नासिक ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन और सामुदायिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय टीम के साथ मिलकर सभी चरणों में प्रगति की निगरानी और परिणामों का मूल्यांकन किया जा रहा है। अब तक, देशी प्रजातियों के पौधारोपण के माध्यम से 3,500 एकड़ से अधिक भूमि का पुनर्स्थापन किया जा चुका है, जिसमें मिट्टी की तैयारी, ट्रेंचिंग, मल्चिंग, नमी संरक्षण और जल-संचयन उपाय शामिल हैं। प्रति एकड़ लगभग 200 पौधे लगाए जा रहे हैं, जिनकी बहुवर्षीय जीवितता निगरानी, तृतीय-पक्ष ऑडिट और रोपण, संरक्षण एवं दीर्घकालिक देखरेख में सक्रिय सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे सतत पारिस्थितिक पुनर्जनन, भूजल पुनर्भरण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका लाभ प्राप्त हो रहे हैं। एक विशेष सम्मान समारोह में, क्रेडाई ने अपने आरपीएल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमाणित निर्माण श्रमिकों को सम्मानित किया, जो भारत के निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला हैं। ये कार्यक्रम वर्षों के अनौपचारिक साइट अनुभव को औपचारिक मान्यता प्रदान करते हैं और इसे एनएसक्यूएफ-संरेखित, उद्योग-मान्य प्रमाणन में परिवर्तित करते हैं, जिसे सीएसडीसीआई-प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाता है। 10-दिवसीय ‘सीखते हुए कमाने’ (लर्न-व्हाइल-यू-अर्न) मॉडल में प्रतिदिन 1 घंटे की कक्षा आधारित शिक्षा और 7 घंटे का पर्यवेक्षित ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण शामिल है, जिससे मजदूरी में कोई नुकसान या कार्यस्थल में व्यवधान नहीं होता। प्रमाणन प्रमुख ट्रेड्स को कवर करता है राजमिस्त्री (सामान्य, टाइलिंग, प्लास्टरिंग), शटरिंग कारपेंट्री, तथा बार बेंडिंग एवं स्टील फिक्सिंग। आने वाले वर्षों में क्रेडाई देशभर में 50,000 निर्माण श्रमिकों को प्रमाणित करने के लक्ष्य के साथ इन प्रयासों का बड़े पैमाने पर विस्तार करने की योजना बना रहा है।

क्षेत्र की प्रतिभा श्रृंखला को और सशक्त बनाने के लिए, क्रेडाई का जूनियर इंजीनियरिंग प्रोग्राम युवा सिविल इंजीनियरों को व्यावहारिक साइट ज्ञान, तकनीकी तैयारी और बेहतर रोजगार क्षमता प्रदान करता है, ताकि तेज़ी से हो रहे शहरीकरण की मांगों को पूरा किया जा सके। इसके पूरक के रूप में, क्रेडाई ने डेवलपर नेतृत्व विकास के लिए प्रमुख संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ की हैं। आईआईएम अहमदाबाद के सहयोग से, क्रेडाई ‘रियल एस्टेट डेवलपमेंट लीडरशिप (RED-L)’ प्रोग्राम प्रदान करता है—7–10 वर्षों के अनुभव वाले डेवलपर्स के लिए 6 माह का एक्ज़ीक्यूटिव कोर्स, जो रणनीतिक नेतृत्व, उत्कृष्ट गवर्नेंस और उद्योग परिवर्तन पर केंद्रित है। 

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