बंकरमैन ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए त्वरित और दीर्घकालिक समाधान किया प्रस्तुत

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 8 जनवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। मेजर जनरल डॉ.श्री पाल, VSM (सेवानिवृत्त), जिन्हें देशभर में भारत के बंकरमैन के नाम से जाना जाता है ने दिल्ली और भारत के अन्य महानगरों में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या के समाधान हेतु अपनी स्वदेशी तकनीक प्रस्तुत किया है। यह तकनीक न केवल तुरंत राहत प्रदान करने में सक्षम है बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक स्थायी और दीर्घकालिक समाधान भी उपलब्ध कराती है। वर्तमान में दिल्ली अभूतपूर्व वायु प्रदूषण संकट से जूझ रही है जहाँ PM₂.₅, PM₁₀, CO₂, SOₓ, NOₓ, CO, TVOC और NH₃ जैसे प्रदूषकों का स्तर खतरनाक रूप से अधिक बना हुआ है। मौजूदा पारंपरिक एयर प्यूरिफिकेशन प्रणालियाँ प्रायः केवल पार्टिकुलेट मैटर तक सीमित हैं और उन गैसीय प्रदूषकों को प्रभावी रूप से नियंत्रित नहीं कर पातीं जो ग्लोबल वार्मिंग सार्वजनिक स्वास्थ्य हानि और शहरी जीवन की गुणवत्ता में गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं।

बंकरमैन की डायरेक्ट कार्बन कैप्चर एट नेगेटिव कॉस्ट तकनीक एक स्वदेशी सस्टेनेबल और सर्कुलर समाधान है। यह तकनीक हवा में मौजूद ठोस और गैसीय दोनों प्रकार के प्रदूषकों को हटाकर उन्हें मिनरल-रिच ऑर्गेनिक खाद में परिवर्तित करती है जो एक फर्टिलाइज़र-ग्रेड, पोषक तत्वों से भरपूर उत्पाद है। इस प्रक्रिया के माध्यम से हवा और मिट्टी के बीच एक बंद चक्र (क्लोज़्ड लूप) स्थापित होता है। यह तकनीक HVAC सिस्टम तथा आउटडोर आर्टिफिशियल पेड़ों में एकीकृत की जा सकती है जिससे स्वच्छ हवा सुनिश्चित होती है, HVAC की ऊर्जा खपत में 40–50% तक कमी आती है, और उत्सर्जन में मापन योग्य और सत्यापित कमी दर्ज की जा सकती है।

19 दिसंबर 2025 को, बंकरमैन ने नई दिल्ली स्थित बंकरमैन हाउस में इंडियन सोसाइटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स के सहयोग से एक तकनीकी वर्कशॉप आयोजित की। इस दौरान सिस्टम की लाइव परफॉर्मेंस प्रदर्शित की गई। इस भवन में स्थापित बंकरमैन सिस्टम दिल्ली की प्रदूषित हवा से लगभग 3000 पेड़ों के बराबर CO₂ अवशोषित कर रहा है। सिस्टम का परीक्षण और मूल्यांकन ISHRAE, रक्षा संस्थानों, HVAC उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। सभी विशेषज्ञों ने इस तकनीक को स्वदेशी व्यावहारिक और तत्काल लागू किए जाने योग्य बताते हुए इसकी सराहना किया। वर्कशॉप से यह स्पष्ट हुआ कि एक व्यावहारिक समाधान पहले से मौजूद है और दिल्ली में सफलतापूर्वक ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रहा है। ऐसे में, दिल्ली सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों द्वारा इस तकनीक को तत्काल अपनाया जाना आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके और एक ठोस दीर्घकालिक योजना के माध्यम से वायु प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मेजर जनरल डॉ.श्री पाल, VSM (सेवानिवृत्त) ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए त्वरित और दीर्घकालिक समाधान के लिए माननीय मुख्य न्यायाधीश भारत का सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखा है। 

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