प्लास्टिक कचरा नहीं, आर्थिक शक्ति : सुशील अग्रवाल


भारत में सर्कुलर इकोनॉमी एक राष्ट्रीय अवसर

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, मंगलवार 24 मार्च 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारत में बढ़ता प्लास्टिक कचरा आज एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती के साथ-साथ एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में भी उभर रहा है। देश में प्रतिदिन लगभग 26,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हो रहा है, जिसका बड़ा हिस्सा विशेषकर सीमेंट बैग, मल्टीलेयर पैकेजिंग और अन्य कम मूल्य वाले प्लास्टिक—या तो जला दिया जाता है या जमीन में दबा दिया जाता है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होने के साथ-साथ करीब ₹2 लाख करोड़ की आर्थिक क्षति भी होती है। AVRO रिसाइकिलिंग लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्लास्टिक पितामह के रूप में विख्यात श्री सुशील अग्रवाल ने कहा कि यदि प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए सही रणनीति अपनाई जाए, तो भारत में 50% तक वर्जिन प्लास्टिक का विकल्प तैयार किया जा सकता है। इससे लगभग ₹50,000 करोड़ की सर्कुलर इकोनॉमी का निर्माण संभव है और 5 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि कंपनी पिछले 24 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है और अब तक 1.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक के प्रोसेसिंग एवं पुनः उपयोग में योगदान दे चुकी है। कंपनी गाजियाबाद में एशिया के प्रमुख फ्लेक्सिबल प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट्स में से एक का संचालन कर रही है, जहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक कचरे को रीसायकल कर उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। श्री अग्रवाल ने ऑपरेशन शुद्धि नामक राष्ट्रीय अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य पूरे देश में प्लास्टिक कलेक्शन और रीसाइक्लिंग का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। इस अभियान के माध्यम से MSMEs, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, हाउसिंग सोसाइटी, उद्योगों और सामाजिक संगठनों को प्रशिक्षण, वर्कशॉप और साझेदारी के जरिए जोड़ा जा रहा है, ताकि एक संगठित और लाभदायक सप्लाई चेन विकसित की जा सके। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्लास्टिक कचरा नहीं बल्कि एक मूल्यवान संसाधन है। यदि इसे सही तरीके से अलग, एकत्रित और रीसायकल किया जाए, तो यह भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों, संस्थाओं और उद्योगों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय मिशन से जुड़ें और प्लास्टिक को कचरे से संपत्ति में बदलने के इस अभियान का हिस्सा बनें। इससे जुड़ने के लिए sa@avrorecycling.com वेबसाइट: opshuddhi.org पर संपर्क किया जा सकता है। 

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