बायोडील फार्मास्यूटिकल्स ने बायोलॉजिकल ई की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का किया अधिग्रहण
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 9 अक्टूबर 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) बायोडील फार्मास्यूटिकल्स ने हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की एक स्टेराइल इंजेक्टेबल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का अधिग्रहण किया है। यह राज्य की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में शामिल है। इस अधिग्रहण के साथ बायोडील ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करते हुए स्टेराइल इंजेक्टेबल्स के कारोबार में प्रवेश किया है। इससे कंपनी के पोर्टफोलियो में स्थापित रेगुलेटरी मान्यताएं, विशेष तकनीकी क्षमताएं और बड़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जुड़ी है, जिससे वह ग्लोबल मार्केट के लिए स्टेराइल इंजेक्टेबल्स का निर्माण कर सकेगी। यह फैसिलिटी वायल फॉर्मेट में जनरल इंजेक्टेबल्स और कार्बापेनेम के निर्माण के लिए तैयार है। इसमें जर्मनी की बनी ग्रोनिंगर प्रोसेसिंग लाइनों का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल इसकी सालाना क्षमता करीब 13.5 करोड़ यूनिट है। कंपनी के पास इस फैसिलिटी की पूरी क्षमता के तहत 17 प्रोडक्शन लाइनों तक विस्तार करने की गुंजाइश है। इसके अलावा प्री-फिल्ड सिरिंज (पीएफएस) और लायोफिलाइज्ड फॉर्मेट में भी उत्पादन शुरू करने की योजना है। अतिरिक्त रेगुलेटेड मार्केट में विस्तार की अपनी योजना के तहत बायोडील इस फैसिलिटी के लिए पीआईसी/एस और ईयू एक्रेडिटेशन हासिल करने की प्रक्रिया में है। पांवटा साहिब की यह फैसिलिटी 14 एकड़ के कैंपस में फैली है। इसमें करीब 39,000 वर्ग मीटर का बिल्ट-अप मैन्युफैक्चरिंग स्पेस है। निकट भविष्य में विस्तार के जरिए इसकी क्षमता में 3 करोड़ यूनिट और जोड़ी जा सकती हैं। यह फैसिलिटी बायोडील की मौजूदा नालागढ़ फैसिलिटी से करीब 50 किलोमीटर दूर है। इसके अधिग्रहण से हिमाचल प्रदेश के स्थापित फार्मास्यूटिकल कॉरिडोर में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी और मजबूत हुई है।
बायोडील फार्मास्यूटिकल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग कुमार ने कहा यह अधिग्रहण हमने सोच-समझकर किया है, यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। आरएमबी कैपिटलवर्क्स ने हमारे ग्रोथ प्लान पर भरोसा जताते हुए हमारा साथ दिया और पांवटा साहिब हमें रेगुलेटेड मार्केट के लिए ऐसी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी देता है, जिसकी मान्यताएं और क्षमताएं तैयार करने में आमतौर पर कई साल लगते हैं। इससे उन कंपनियों की श्रेणी बदल जाती है, जिनके साथ बायोडील प्रतिस्पर्धा करता है और हमें रेगुलेटेड मार्केट में मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाला कारोबार खड़ा करने की बेहतर स्थिति मिलती है। यह फैसिलिटी बायोलॉजिकल ई लिमिटेड से अधिग्रहित की गई है। हैदराबाद मुख्यालय वाली बायोलॉजिकल ई करीब सात दशकों से वैक्सीन और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में काम कर रही है। यह अधिग्रहण तेलंगाना में कंपनी के नए वैक्सीन आरएंडडी और सीडीएमओ कैंपस में जारी निवेश का हिस्सा है। इसके साथ बायोडील के पोर्टफोलियो में स्थापित मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और रेगुलेटरी मान्यताएं जुड़ गई हैं। इससे कंपनी दुनियाभर के फार्मास्यूटिकल ग्राहकों के लिए जटिल इंजेक्टेबल्स की रेंज बढ़ा सकेगी, जिसमें गंभीर बैक्टीरियल और दवा-प्रतिरोधी संक्रमणों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले कार्बापेनेम्स शामिल हैं। कंपनी रेडी-टू-यूज प्री-फिल्ड सिरिंज फॉर्मेट और ज्यादा स्थिरता व लंबी शेल्फ लाइफ वाले लायोफिलाइज्ड प्रोडक्ट्स में भी विस्तार कर रही है।
बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर महिमा डाटला ने कहा तेलंगाना में अपने नए वैक्सीन आरएंडडी और सीडीएमओ कैंपस में निवेश पर हमारा ध्यान लगातार बना हुआ है। ऐसे में पांवटा साहिब की फैसिलिटी को विकास पर ध्यान देने वाले एक सक्षम पार्टनर को सौंपना हमारे लिए स्वाभाविक अगला कदम था। हमें भरोसा है कि बायोडील फार्मास्यूटिकल्स इस फैसिलिटी की मजबूत नींव को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह सक्षम है। हम उनके आगे के सफर के लिए सफलता की कामना करते हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें