भारत में रोबोटिक सर्जरी के विकास को नई रफ्तार, इंट्यूटिव ने पेश किया दा विंची 5

नेक्स्ट-जेनरेशन मल्टीपोर्ट प्लेटफॉर्म में फोर्स फीडबैक, उन्नत 3D विजन, इंटीग्रेटेड वर्कफ्लो और कनेक्टेड लर्निंग जैसी अत्याधुनिक क्षमताएं

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 19 सितम्बर 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के क्षेत्र में भारत में एक नया तकनीकी अध्याय शुरू हुआ है। मिनिमली इनवेसिव केयर तकनीक के क्षेत्र में कार्यरत इंट्यूटिव ने भारत में अपनी नई पीढ़ी का रोबोटिक-असिस्टेड सर्जिकल सिस्टम दा विंची 5 पेश किया है। कंपनी के अनुसार, यह नेक्स्ट-जेनरेशन मल्टीपोर्ट प्लेटफॉर्म दा विंची एक्सआई के डिजाइन को आगे बढ़ाते हुए 150 से अधिक नए फीचर्स के साथ विकसित किया गया है। दा विंची 5 में सर्जनों को ऑपरेशन के दौरान अधिक जानकारी और नियंत्रण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से **फोर्स फीडबैक टेक्नोलॉजी, उन्नत 3D विजन, बेहतर कंप्यूटिंग क्षमता, नए सेंसर, स्मार्ट सॉफ्टवेयर और इंटीग्रेटेड वर्कफ्लो जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है। कंपनी के मुताबिक, भारत में दा विंची सिस्टम के माध्यम से अब तक **2 लाख से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं** की जा चुकी हैं।

दा विंची 5 की प्रमुख विशेषताओं में फोर्स फीडबैक टेक्नोलॉजी शामिल है। कंपनी के अनुसार, यह तकनीक सर्जन को सर्जरी के दौरान टिश्यू पर लगाए जा रहे बल को महसूस करने में मदद करती है। इसके जरिए कंसोल के हैंड कंट्रोल के माध्यम से दबाव या खिंचाव से संबंधित अधिक जानकारी सर्जन को मिल सकती है। सिस्टम में उन्नत 3D विजन टेक्नोलॉजी भी दी गई है, जिसे कंपनी अपने अब तक के सबसे अधिक रियलिस्टिक 3D दा विंची विजन सिस्टम के रूप में प्रस्तुत कर रही है। इसका उद्देश्य सर्जन को अधिक इमर्सिव और व्यावहारिक कंसोल अनुभव उपलब्ध कराना है। दा विंची 5 में सर्जिकल उपकरणों के इंटीग्रेशन और नियंत्रण को आसान बनाने के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। कंपनी के अनुसार, इसका यूनिवर्सल यूजर इंटरफेस केयर टीमों के लिए वर्कफ्लो को व्यवस्थित करने में मदद करता है। सिस्टम में डायनैमिक असिस्टेंस और कुछ कार्यों के ऑटोमेशन की क्षमताएं भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सर्जिकल प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।

दा विंची 5 को एक इंटेलिजेंट प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें नए सेंसर, सॉफ्टवेयर और उन्नत प्रोसेसर शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, सिस्टम में पिछली पीढ़ी की तुलना में 10 गुना अधिक कंप्यूटिंग क्षमता है। इससे सर्जिकल परफॉर्मेंस से संबंधित अधिक डेटा और जानकारी उपलब्ध कराने का उद्देश्य है, ताकि सर्जन अपने प्रदर्शन को समझने और भविष्य में उसे बेहतर करने के लिए इन जानकारियों का उपयोग कर सकें। इंट्यूटिव इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट एवं जनरल मैनेजर रोहित महाजन ने कहा कि दा विंची 5 की भारत में शुरुआत रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, अब फोकस केवल नई तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे इनोवेशन पर है जो सर्जिकल प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार, मरीजों की देखभाल और हेल्थकेयर डिलीवरी को मजबूत बनाने में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के जिम्मेदार और टिकाऊ उपयोग के लिए अस्पतालों, सर्जनों और हेल्थकेयर टीमों के साथ प्रशिक्षण, क्लिनिकल प्रमाण और आवश्यक सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंट्यूटिव के दा विंची प्लेटफॉर्म्स एवं प्रोडक्ट ऑपरेशंस की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं जनरल मैनेजर ईमान जेड्डी, पीएचडी ने कहा कि दा विंची 5 में एडवांस्ड सेंसिंग एवं विजन टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर और इंटीग्रेटेड वर्कफ्लो को एक ही प्लेटफॉर्म में शामिल किया गया है। उनके अनुसार, इन क्षमताओं का उद्देश्य सर्जनों को अधिक उपयोगी जानकारी और बेहतर सर्जिकल अनुभव उपलब्ध कराना है।

कंपनी के अनुसार, दुनिया भर में 15,000 से अधिक सर्जन दा विंची प्लेटफॉर्म का उपयोग कर चुके हैं। इंट्यूटिव के मुताबिक, उसके रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम से संबंधित **50,000 से अधिक पीयर-रिव्यूड प्रकाशन** उपलब्ध हैं, जो इस तकनीक से जुड़े क्लिनिकल और वैज्ञानिक अनुभव के बढ़ते आधार को दर्शाते हैं। भारत में दा विंची 5 को कंपनी के अनुसार **यूरोलॉजिक, गायनेकोलॉजिक और जनरल सर्जरी के साथ-साथ कार्डियक एवं थोरेसिक सर्जरी** जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल चुकी है। दा विंची 5 के भारत में प्रवेश के साथ चुनिंदा अस्पतालों और सर्जिकल प्रोग्रामों को इस नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म पर अनुभव विकसित करने का अवसर मिलेगा। इससे भारत में तेजी से विकसित हो रहे रोबोटिक सर्जरी इकोसिस्टम में तकनीक, प्रशिक्षण, क्लिनिकल अनुभव और डेटा-आधारित लर्निंग की भूमिका और महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है।


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