वीज़ा ने नई प्रीमियम खर्च रूपरेखा का किया खुलासा
https://youtu.be/rHY8CDjaAkY शब्दवाणी सम्माचार टीवी, मंगलवार 5 मई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान क्षेत्र की वैश्विक अग्रणी कंपनी वीज़ा (NYSE: V) ने अपना वीज़ा कंसल्टिंग एंड एनालिटिक्स (VCA) व्हाइटपेपर – भारत की संपन्न अर्थव्यवस्था 2025–2026 जारी किया। VCA व्हाइटपेपर भारत में “संपन्नता” का विश्लेषण मुख्य रूप से आय के बजाय व्यवहारिक दृष्टिकोण से करता है। यह अध्ययन वीज़ा द्वारा कराए गए YouGov अध्ययन से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है, जिसे यात्रा, डाइनिंग, रिटेल और लाइफस्टाइल क्षेत्रों से जुड़े हालिया वीज़ा नेट डेटा से पूरक किया गया है, ताकि यह समझा जा सके कि संपन्नता देशभर में उपभोग पैटर्न को कैसे प्रभावित कर रही है। अध्ययन से पता चलता है कि ‘संपन्न भारत’ बढ़ रहा है और एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां उपभोग अधिक सोच समझकर और उद्देश्यपूर्ण हो गया है तथा व्यक्तिगत पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। अधिक खरीदारी करने के बजाय, संपन्न उपभोक्ता ऐसे उत्पाद और अनुभव चुन रहे हैं जो अर्थपूर्ण हों, दिखाई देने वाले हों और जिन्हें दोहराया जा सके। दिलचस्प बात यह है कि जैसे जैसे उपभोक्ता संपन्नता की सीढ़ी पर ऊपर जाते हैं, विवेकाधीन श्रेणियां क्रेडिट कार्ड खर्च का बड़ा हिस्सा बनने लगती हैं, जो कस्टमाइज़्ड लाइफस्टाइल खर्च के प्रमुख साधन के रूप में क्रेडिट कार्ड की भूमिका को दर्शाता है। VCA व्हाइटपेपर भारत की संपन्न आबादी में तेज़ विस्तार को उजागर करता है। हाल के वर्षों में ₹10 लाख से अधिक कमाने वाले व्यक्तियों की संख्या 69 लाख से बढ़कर 1.3 करोड़ हो गई है, जो ऐसे उपभोक्ताओं के बड़े आधार को दर्शाता है जिनके पास आवश्यकताओं से आगे खर्च करने और विवेकाधीन श्रेणियों में सक्रिय भागीदारी करने की क्षमता है। संपन्नता अब केवल मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है। अहमदाबाद, सूरत, जयपुर और लखनऊ जैसे उभरते शहरों में संपन्नता फैल रही है, जहां उपभोग व्यवहार महानगरों के समान हो रहा है।





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