फोर्टिस गुरुग्राम ने किया थैलसीमिया जागरूकता का आयोजन

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, सोमवार 11 मई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), गुरुग्राम। देश को थैलसीमिया मुक्त बनाने के प्रयासों को जारी रखते हुए, फोर्टिस गुरुग्राम ने पिछले वर्ष शुरू की गई अपनी देशव्यापी पहल ‘एंड थैलसीमिया मिशन’ के तहत् जागरूकता और एडवोकेसी इवेंट का आयोजन किया। इस इवेंट ने थैलसीमिया से लड़ने वाले योद्धाओं, हेल्थकेयर विशेषज्ञों, देखभाल के लिए समर्पित लोगों और कम्युनिटी सदस्यों को एक मंच पर एकजुट किया जिससे थैलसीमिया से बचाव, शीघ्र डायग्नॉसिस और थैलसीमिया से बचाव के विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ायी जा सके। इस अवसर पर, बॉलीवुड के जाने माने एक्टर विंदु दारा सिंह, स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा और सुश्री शोभा तुली, सचिव, थैलेसीमिक्स इंडिया भी उपस्थित थीं जिन्होंने इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने में अपना सहयोग दिया। साथ ही साहस और स्वास्थ्यलाभ का परिचय देते हुए, 60 से भी अधिक बच्चों ने, जिनका थैलसीमिया के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) किया गया है, प्रेरक प्रस्तुतियों, साहस की अपनी कहानियों और नए जीवन के संदेश से सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध किया। उनके अब तक के इस सफर से यह बात सामने आयी कि किस प्रकार बोन मैरो ट्रांसप्लांट ने थैलेसीमिया जैसे आजीवन बने रहने वाले रक्त विकार को कई बच्चों के लिए उपचारयोग्य बना दिया है।

फोर्टिस गुरुग्राम के डॉक्टरों ने इस आयोजन को और भी हृदयस्पर्शी तथा रचनात्मक बनाते हुए, एक स्पेशल किट की भी प्रस्तुति दी जिसमें थैलसीमिया मरीजों एवं उनके परिजनों के भावनात्मक संघर्षों और शारीरिक चुनौतियों को दर्शाने के साथ-साथ यह संदेश भी दिया गया कि किस प्रकार समय पर डायग्नॉसिस, डोनर मैचिंग और बोन मैरो ट्रांसप्लांट से बच्चों को जिंदगी जीने का एक और अवसर मिलता है। इस स्किट के माध्यम से विवाह से पहले स्क्रीनिंग तथा जेनेटिक काउंसलिंग के महत्व पर भी जोर दिया गया ताकि रोग से बचा जा सके। इवेंट का समापन कई जाने माने हेमेटोलॉजिस्ट, सक्रिय कार्यकर्ताओं के तौर पर काम कर रहे मरीजों, और अन्य हितधारकों ने एक पैनल चर्चा में भी हिस्सा लिया, जिसमें उपचारात्मक थेरेपी, जागरूकता बढ़ाने और भारत से थैलसीमिया का सफाया करने के लिए आगे की राह पर चर्चा की गई। इस अवसर पर, शोभा तुली, सचिव, थैलसीमिक्स इंडिया ने कहा थैलसीमिया से बचा जा सकता है, और इसके लिए जागरूकता हमारा सबसे मजबूत हथियार है। लेकिन, जो परिवार पहले से ही इस रोग से जूझ रहे हैं, उनके मामले में बोन मैरो ट्रांसप्लांट ने नई उम्मीद जगायी है। उपचारात्मक थेरेपी थैलसीमिया से प्रभावित बच्चों के सरवाइवल और उनकी लाइफ क्वालिटी दोनों में काफी हद तक सुधार लाने का भरोसा दिलाती हैं।

बॉलीवुड एक्टर विंदु दारा सिंह ने कहा मैं थैलसीमिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों से जुड़कर गर्व महसूस कर रहा हूं। यह देखना वाकई सुखद है कि जो बच्चे नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूज़न पर निर्भर थे, वे ट्रांसप्लांट के बाद अब कहीं अधिक स्वस्थ और खुशहाल जीवन बिता रहे हैं। इस प्रकार की पहल देशभर में थैलसीमिया प्रभावित परिवारों के बीच उम्मीद और जागरूकता का प्रसार करने में महत्वपूर्ण होती हैं। स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा ने कहा थैलसीमिया के बारे में आम जनता को जागरूक बनाने के लिए केवल बचाव तक ही सीमित रहना काफी नहीं है, बल्कि इसके आगे भी जाना जरूरी है। परिवारों को यह पता होना चाहिए कि समय पर मेडिकल उपचार और बोन मेरो ट्रांसप्लांट जैसे विकल्पों से, थैलसीमिया ग्रस्त बच्चे भी सामान्य और खुशहाल जिंदगी बिता सकते हैं। इस बारे में अपने विचार साझा करते हुए डॉ विकास दुआ, प्रिंसीपल डायरेक्टर एवं हेड, पिडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, हेमेटो ओंकोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, ने कहा बोन मैरो ट्रांसप्लांट ने थैलसीमिया के उपचार के परिदृश्य में काफी क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। आज, ऐसे कई बच्चे सफल ट्रांसप्लांट के बाद ट्रांसफ्यूज़न-फ्री जीवन बिता पा रहे हैं जिन्हें उपचार से पहले आजीवन ब्लड ट्रांसफ्यूज़न और आयरन केलेशन की आवश्यकता थी। यह शुरुआत में ही रेफरल, समय पर डोनर की पहचान और स्पेश्यलाइज़्ड ट्रांसप्लांट केंद्रों तक पहुंच संभव होने के चलते संभव हो सका है। 

डॉ राहुल भार्गव, प्रिंसीपल डायरेक्टर, हेमेटोलॉजी एंड बोन मैरो ट्रांसप्लांट, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, ने कहा थैलसीमिया केयर में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह जुड़ी है कि अब बोन मैरो ट्रांसप्लांट के जरिए कई मरीजों के मामले में उपचार संभव है। ट्रांसप्लांट प्रोटोकॉल्स में हुई प्रगति, बेहतर डोनर मैचिंग और बेहतर पोस्ट-ट्रांसप्लांट केयर के परिणामस्वरूप परिणामों में सुधार हुआ है और यहां तक कि हाइ-रिस्क मरीजों के मामले में भी स्थिति में सुधार देखा गया है। यश रावत, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एवं एसबीयू हेड, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम ने कहा हेल्थकेयर केवल उपचार तक ही सीमित नहीं है, यह प्रीवेंशन और कम्युनिटी एजुकेशन से भी जुड़ा है। इस पहल के माध्यम से, हम स्क्रीनिंग और प्रीवेंशन के साथ-साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे जीवन में बदलाव लाने वाले उपचार विकल्पों के बारे में भी जागरूकता बढ़ा रहे हैं।

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