मणिपाल हॉस्पिटल गाजियाबाद में कैंसर से पीड़ित 11 साल की बच्ची का किया सफल इलाज

एडवांस्ड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी से बच्ची को मिला सामान्य और बेहतर जीवन

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 16 मई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), गाजियाबाद। मणिपाल हॉस्पिटल गाजियाबाद में एक दुर्लभ मेडिकल केस सामने आया, जब एक 11 साल की बच्ची को सर्विकल रैब्डोमायोसारकोमा के साथ हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। यह बीमारी बहुत कम देखने को मिलती है, जिसमें गर्भ के निचले हिस्से (सर्विक्स) के अंदर मांसपेशियों जैसे टिश्यू में कैंसर की गाँठ बन जाती है। इसके इलाज के लिए सर्जरी और कीमोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। साल 2020 में मरीज का कैंसर पूरी तरह से ठीक कर दिया गया था, पर इलाज के कारण सर्विक्स और वैजाईनल संरचना प्रभावित हो गई थी, जिसके कारण मरीज के शारीरिक स्वास्थ्य और विकास में समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं।पाँच वर्ष बाद बच्ची ने मणिपाल हॉस्पिटल से संपर्क किया, क्योंकि शरीर की संरचना में आई जटिलताओं का असर उसकी माहवारी (मेंस्ट्रुएशन) और सामान्य स्वास्थ्य पर पड़ रहा था। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, रैब्डोमायोसारकोमा बच्चों में पाए जाने वाले सबसे आम सॉफ्ट टिश्यू कैंसरों में से एक है, हालांकि सर्विक्स में इसका होना बहुत ही कम देखा गया है। इसलिए इस मामले में डॉ. कुंदन, कंसल्टैंट - सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल्स, गाजियाबाद के नेतृत्व में एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा एक जटिल रिकॉन्स्ट्रक्टिव सर्जरी की गई। इस सर्जरी में मरीज की आँत का एक हिस्सा लेकर एक नए सर्विक्स और वैजाईना का निर्माण किया गया, जिससे शरीर की सामान्य संरचना और कार्यक्षमता प्राप्त हो सके। इससे न केवल मरीज के शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि आत्मविश्वास और भावनात्मक स्वास्थ्य में भी वृद्धि हुई।

डॉ. कुंदन, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, मणिपाल हॉस्पिटल्स, गाजियाबाद ने कहा जब कैंसर बच्चों को प्रभावित करता है, तो इसका असर बीमारी से बहुत ज्यादा होता है। हम इस बच्ची को उसका बचपन लौटाना चाहते थे। उसे शारीरिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाना चाहते थे। हमने सावधानी से योजना बनाई और उसके शरीर के प्रभावित अंगों का फिर से निर्माण किया। इससे उसके शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार हुआ। इस तरह की सर्जरी बहुत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इन्हीं की मदद से बच्चे कैंसर को हराकर एक स्वस्थ और संतोषप्रद जीवन आत्मविश्वास के साथ जी पाते हैं। इस बच्ची का आत्मविश्वास लौट आया है और वह एक संतोषजनक जीवन जी रही है। यह देखकर हमें बहुत खुशी होती है। डॉ. विनय कुमार वर्मा, कंसल्टैंट - सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और डॉ. मुनिशा शर्मा, कंसल्टैंट - गायने-ऑन्कोलॉजी ने यह जटिल रिकॉन्स्ट्रक्टिव प्रक्रिया पूरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पीडियाट्रिक कैंसर के मामलों में मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण का महत्व प्रदर्शित होता है।

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