सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया का जापान-कोरिया कॉन्क्लेव अपने अगले चरण मे

क्रूज़ पर प्रभावशाली अधिवेशन मे सिंधीयत और संगठन को मजबूत करने का लिया संकल्प

ट्रैवल एजेंसी RTW की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये आया सामने 

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, रविवार 17 मई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), टोक्यो। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित जापान और दक्षिण कोरिया का अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव (अधिवेशन) अत्यंत सुखद, गरिमापूर्ण और निर्विघ्न वातावरण में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए सफलतापूर्वक संपन्नता की ओर अग्रसर, अगले चरण मे टोक्यो मे सम्पन्न होगा । इस भव्य अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश से आए सिंधी समाज के लगभग 264-265 सम्मानित यात्रियों के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सक्रिय और समर्पित भागीदारी दर्ज कराई। जापान की पावन धरा से शुरू हुआ यह अधिवेशन 17 तारीख को एक शानदार क्रूज़ यात्रा के साथ संपन्न होने जा रहा है। पूरे आयोजन के दौरान वैश्विक सिंधी समाज में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। देश-विदेश से एकत्रित हुए सिंधी समाज के प्रबुद्ध जनों ने इस सफल आयोजन पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। सभी सदस्यों ने एकजुट और संगठित होकर सिंधी संस्कृति, अपनी जड़ों और 'सिंधीयत' की भावनाओं को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का दृढ़ संकल्प लिया।

​इतने बड़े स्तर पर आयोजित यह पूरा कार्यक्रम बेहद सफल और ऐतिहासिक रहा। हालांकि, आयोजन के दौरान ट्रैवल एजेंसी (RTW) के मुख्य प्रतिनिधियों विनोद एवं कविता की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण कुछ व्यवस्थागत कमियां सामने आईं जिन्हें आसानी से टाला जा सकता था। ​परंतु इन विपरीत परिस्थितियों में भी मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया उत्तरी भारत के अध्यक्ष व इस कॉन्क्लेव के मुख्य आयोजक श्री अशोक लालवानी ने अपनी अद्भुत सूझ-बूझ, त्वरित निर्णय क्षमता और कुशल प्रबंधन का परिचय दिया। उन्होंने सभी समस्याओं को समय रहते बेहद शानदार तरीके से सुलझाया और यह सुनिश्चित किया कि सम्मानित अतिथियों के आनंद और कार्यक्रम की गरिमा में कोई कमी न आने पाए। ​ट्रैवल एजेंट की इस लापरवाही और आर्थिक लोभ को बेहद गंभीरता से लिया गया है। परदेस की धरती पर की गई ऐसी लापरवाही न केवल यात्रियों को असुविधा पहुँचाती है बल्कि देश की प्रतिष्ठा को भी ठेस लगाती है। ट्रैवल एजेंसियों को यह समझना होगा कि अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं कितनी महत्वपूर्ण और संवेदनशील होती हैं। यह पूरा विषय वर्तमान में अत्यंत विचारणीय है। दिल्ली वापसी के उपरांत इस पूरे घटनाक्रम पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की जाएगी। भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए एजेंट्स के चयन और उनके द्वारा दिए गए 'टूर प्लान/इटिनररी के मानदंडों की बेहद बारीकी से समीक्षा की जाएगी। ​एजेंसी की लापरवाही और कमियों पर एक अधिकारिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। संस्था के शीर्ष नेतृत्व और माननीय अध्यक्ष से यह आग्रह किया गया है कि देश की प्रतिष्ठा और समाज के गौरव को सर्वोपरि रखते हुए, ऐसी लापरवाह एजेंसियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।

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