गेल (इंडिया) लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणाम घोषित किए

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 23 मई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने मुश्किल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,38,697 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹1,37,288 करोड़ थी। कंपनी का ईबीआईटीडीए ₹13,119 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹19,168 करोड़ था। वहीं टैक्स से पहले मुनाफा ₹8,964 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹6,968 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह क्रमशः ₹14,825 करोड़ और ₹11,312 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹34,797 करोड़ रही, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹34,076 करोड़ थी। इस दौरान ईबीआईटीडीए ₹2,175 करोड़ रहा। टैक्स से पहले मुनाफा ₹1,577 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹1,262 करोड़ दर्ज किया गया।समेकित आधार पर कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,42,094 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹1,42,290 करोड़ थी। समेकित ईबीआईटीडीए ₹14,524 करोड़ रहा। वहीं टैक्स से पहले मुनाफा ₹9,725 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹7,582 करोड़ दर्ज किया गया। चौथी तिमाही में समेकित कुल आय ₹35,705 करोड़ रही, जबकि ईबीआईटीडीए ₹2,703 करोड़ दर्ज किया गया। इस दौरान टैक्स से पहले मुनाफा ₹1,966 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹1,485 करोड़ रहा।

कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹10 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.50 अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। इससे पहले कंपनी ₹5 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दे चुकी है। इसके साथ कुल लाभांश भुगतान अनुपात 51.90 प्रतिशत हो गया है वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने ₹9,594 करोड़ का निवेश किया। यह निवेश मुख्य रूप से पाइपलाइन, पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों पर किया गया। परिचालन प्रदर्शन की बात करें तो प्राकृतिक गैस ट्रांसमिशन 122.18 एमएमएससीएमडी रहा, जबकि गैस मार्केटिंग 104.21 एमएमएससीएमडी दर्ज की गई। एलपीजी ट्रांसमिशन 4,600 हजार मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। गेल (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री दीपक गुप्ता ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण रहा। रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के हालात का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा, लेकिन सरकार की मदद और कंपनी की मजबूत कार्यप्रणाली के कारण गेल अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रही। उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस दौरान लगभग 2,000 किलोमीटर नई पाइपलाइन जोड़ी और एलपीजी ट्रांसमिशन में रिकॉर्ड बनाया। साथ ही जामनगर-लोनी एलपीजी पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाकर 6.5 एमएमटीपीए की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि गेल अपनी रणनीति 2030 और नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में लगातार काम कर रही है। कंपनी ने लगभग 700 मेगावाट सौर ऊर्जा, लगभग 178 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजनाओं और 6 सीबीजी प्लांट्स में निवेश को मंजूरी दी है। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन