छोटे घरों में भीड़भाड़ और पालतू जानवरों के कारण बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर जागरूकता आवश्यक : श्री पाल

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 28 फरवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। वायु विशेषज्ञ बैंकरमैन मेजर जनरल श्री पाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सीमित स्थान वाले घरों में अत्यधिक लोगों की उपस्थिति तथा पालतू जानवरों से घर के अंदर की वायु गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल बाहरी प्रदूषण तक सीमित नहीं है बल्कि घर के भीतर की हवा भी मानव स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। मेजर जनरल श्री पाल ने आगे कहा छोटे घरों में यदि वेंटिलेशन पर्याप्त न हो तो कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का स्तर बढ़ सकता है, नमी अधिक हो सकती है तथा धूल और एलर्जन जमा हो सकते हैं। पालतू जानवरों के बाल और डेंडर (त्वचा के सूक्ष्म कण) भी संवेदनशील व्यक्तियों में एलर्जी या श्वसन संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पालतू जानवर स्वयं समस्या नहीं है बल्कि उचित सफाई और वायु प्रवाह की कमी मुख्य कारण है। यदि नियमित सफाई, उचित वेंटिलेशन और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मेजर जनरल श्री पाल ने कहा लगातार बंद और भीड़भाड़ वाले वातावरण में रहने से तनाव, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कमी जैसी मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बच्चों के समुचित विकास के लिए ताजी हवा, प्राकृतिक रोशनी और पर्याप्त व्यक्तिगत स्थान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि घरों में नियमित रूप से खिड़कियां और दरवाजे खोलकर वेंटिलेशन सुनिश्चित करें, एग्जॉस्ट फैन या एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें, पालतू जानवरों की स्वच्छता और घर की नियमित सफाई पर ध्यान दें, और सरकार अपने जागरूकता अभियान में इस विषय को प्राथमिकता में रखें, भीड़भाड़ कम करने और व्यक्तिगत स्पेस बनाए रखने का प्रयास करें। अंत में मेजर जनरल श्री पाल ने कहा कि वायु गुणवत्ता केवल बाहरी प्रदूषण का मुद्दा नहीं है, बल्कि घर के अंदर की हवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और सामूहिक प्रयास से हम स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं।

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