प्लास्टिक का सही प्रबंधन से पर्यावरण को बचाया जा सकता : सुशील अग्रवाल
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, मंगलवार 24 फरवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। AVRO रीसाइक्लिंग लिमिटेड के चेयरमैन सुशील अग्रवाल ने कहा है कि प्लास्टिक स्वयं में समस्या नहीं है, बल्कि उसका गलत निपटान और अव्यवस्थित प्रबंधन पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। यदि प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से संग्रहण, वर्गीकरण (सेग्रिगेशन), पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) और पुनः उपयोग किया जाए, तो यह पर्यावरण के लिए नुकसानदायक नहीं बल्कि एक उपयोगी संसाधन सिद्ध हो सकता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर विश्वभर में चिंता व्यक्त की जा रही है। प्लास्टिक सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होता और खुले में फेंके जाने पर यह मिट्टी, जल और वायु को प्रदूषित करता है। समय के साथ यह माइक्रोप्लास्टिक में बदलकर खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर सकता है। इसलिए आवश्यक है कि प्लास्टिक को कचरे के रूप में नहीं, बल्कि रिसाइक्लिंग योग्य संसाधन के रूप में देखा जाए।
उन्होंने बताया कि भारत में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक पहलें हुई हैं। सड़क निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग इसका एक सफल उदाहरण है। प्लास्टिक को डामर (बिटुमेन) में मिलाकर मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनाई जा रही हैं। इस प्रक्रिया में प्लास्टिक उच्च तापमान पर पिघलकर मिश्रण में स्थिर रूप से बंध जाता है जिससे उसका खुले पर्यावरण में फैलाव रुकता है। कई बार रिसाइक्लिंग के बाद जब प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण जैसे अंतिम चरण में किया जाता है, तो उसकी संरचना इतनी कमजोर हो जाती है कि वह अतिरिक्त पर्यावरणीय क्षति नहीं पहुंचाता। श्री अग्रवाल ने जोर देते हुए कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण का समाधान प्रतिबंध नहीं, बल्कि प्रभावी प्रबंधन और व्यापक रिसाइक्लिंग व्यवस्था है। यदि प्रत्येक नागरिक इकट्ठा करें, अलग करें, रिसाइक्लिंग करें, पुनः उपयोग करें की प्रक्रिया को अपनाए तो प्लास्टिक कचरे की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने उद्योग जगत, सरकार और समाज से अपील की कि प्लास्टिक पुनर्चक्रण को प्रोत्साहन दिया जाए रिसाइक्लिंग उद्योग को मजबूत किया जाए और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें