अप्रैल में लखनऊ में होगा पोल्ट्री विकास पर राष्ट्रीय सेमिनार

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 12 मार्च 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगामी अप्रैल 2026 में लखनऊ में एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी संबंध में 9 मार्च 2026 को बापू भवन स्थित कार्यालय में पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मुकेश मेश्राम (आईएएस) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश पोल्ट्री फार्मर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली अकबर तथा एसोसिएशन के संरक्षक अनीस अंसारी ने भी भाग लिया। इस दौरान पोल्ट्री उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों, किसानों की समस्याओं और राज्य में पोल्ट्री सेक्टर को मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि पोल्ट्री इंडिया के अध्यक्ष श्री उदय सिंह बायस के नेतृत्व में अप्रैल 2026 में लखनऊ में पोल्ट्री विकास पर एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाए। इस सेमिनार में देशभर के पोल्ट्री विशेषज्ञ, उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, सरकारी अधिकारी तथा पोल्ट्री किसान शामिल होंगे। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, पोल्ट्री फार्मिंग में निवेश के अवसर और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा करना होगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मुकेश मेश्राम ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और सरकार इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो पोल्ट्री उद्योग लाखों लोगों के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। नवाब अली अकबर ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें उत्पादन लागत, बाजार व्यवस्था और तकनीकी जानकारी की कमी प्रमुख हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रस्तावित राष्ट्रीय सेमिनार के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। एसोसिएशन के संरक्षक अनीस अंसारी ने भी पोल्ट्री उद्योग के विकास के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि पोल्ट्री किसानों को प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और उचित समर्थन मिले तो यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। बैठक के अंत में अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि अप्रैल में होने वाला राष्ट्रीय सेमिनार पोल्ट्री सेक्टर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां नीति निर्माण, तकनीकी नवाचार और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

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