डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन एमेरिटस श्री दीनदयाल गुप्ता का निधन
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, रविवार 3 मई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। देश के प्रख्यात उद्योगपति और प्रमुख होजरी कंपनी डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन एमेरिटस श्री दीनदयाल गुप्ता का कोलकाता में आयु संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। उनके निधन के साथ ही कंपनी और भारतीय होजरी व परिधान उद्योग के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया। श्री गुप्ता एक दूरदर्शी नेता और कंपनी की सफलता के प्रमुख सूत्रधार थे। उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक अटूट समर्पण, दूरदृष्टि और ईमानदारी के साथ कंपनी का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन में डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने एक छोटे स्तर से शुरुआत कर देश की अग्रणी होजरी और परिधान कंपनियों में अपनी पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने 1700 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबारी आकार हासिल किया। 13 सितंबर 1937 को हरियाणा के भिवानी जिले के मंहेरी गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे श्री गुप्ता का जीवन संघर्ष, दृढ़ता और बड़े सपने देखने की प्रेरणा का प्रतीक रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने 1962 में कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) का रुख किया और ग्राहकों की जरूरतों व बजट के अनुसार होजरी उत्पादों के निर्माण और बिक्री की शुरुआत की। उन्होंने उत्पादन, फिनिशिंग सुविधाओं का विस्तार, रिटेल नेटवर्क का निर्माण और उन बाजारों तक पहुंच बनाई जिन्हें अन्य कंपनियों ने नजरअंदाज किया था।
1972 में उन्होंने डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की नींव रखी। उनकी उद्यमशीलता और अथक मेहनत ने कंपनी को एक भरोसेमंद और लोकप्रिय ब्रांड बना दिया, जो गुणवत्ता, नवाचार और मजबूत बाजार पकड़ के लिए जाना जाता है। कंपनी ने शुरुआती दौर में ही मध्य प्रदेश (अब एमपी और छत्तीसगढ़), पूर्वोत्तर भारत के सातों राज्यों और दार्जिलिंग जैसे दुर्गम इलाकों तक अपनी पहुंच बनाई। व्यवसाय के अलावा, श्री गुप्ता सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में भी सक्रिय रहे। वे आर्य प्रतिनिधि सभा से जुड़े रहे और बंगाल प्रतिनिधि सभा की विभिन्न शाखाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व उपाध्यक्ष और अजमेर स्थित परोपकारिणी सभा के सक्रिय सदस्य भी थे, जो स्वामी दयानंद सरस्वती से जुड़े ऐतिहासिक धरोहरों का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कोलकाता के मारवाड़ी रिलीफ सोसायटी में बर्न्स यूनिट और उससे संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। वे पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर स्थित हरियाणा विद्या मंदिर स्कूल के संस्थापक रहे, जो सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है। इसके अलावा वे कई गुरुकुलों के सह-संस्थापक और संरक्षक भी रहे। उन्होंने अपने पैतृक गांव मंहेरी के स्कूल के पुनर्जीवन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका मानना था कि शिक्षा ही सामाजिक विकास और राष्ट्र की प्रगति का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने वृद्धजन सहायता से जुड़े संगठनों—महार्षि दयानंद योगाश्रम त्रिपुरा और सुखानंद फाउंडेशन के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों का प्रभाव उद्योग से आगे बढ़कर समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचा। अपने लंबे और सफल करियर के दौरान श्री गुप्ता को कई सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें वेस्ट बंगाल होजरी एसोसिएशन का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और सनमार्ग बिजनेस अवॉर्ड शामिल हैं। श्री दीनदयाल गुप्ता अपने पीछे पत्नी, चार पुत्रों और पोते-पोतियों का परिवार छोड़ गए हैं, जो वर्तमान में डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं।





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