फोर्टिस मानेसर ने पेट में चीरा या अस्थायी स्टोमा लगाए बिना ही निकाला रेक्टल कैंसर ट्यूमर
इस मामले की जानकारी देते हुए, डॉ विनय सैमुअल गायकवाड़ सीनियर डायरेक्टर सर्जिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा मरीज दोबारा उभरने वाले आरंभिक चरण के कैंसर (रेकरेंट अर्ली-स्टेज कैंसर) से ग्रस्त थे और उन्हें इलाज के लिए ऐसी सर्जरी करवानी पड़ती जिसमें पेट में चीरा और अस्थायी रूप से स्टोमा की आवश्यकता होती है। लेकिन मरीज की विस्तृत रूप से जांच के बाद हमने उन्हें रोबोटिक टीएएमआईएस (Robotic TAMIS) के लिए उपयुक्त पाया, जिसमें मिनिमैली इन्वेसिव तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, इस प्रकार पेट में चीरे लगाने और बाहरी बैग लगाने की आवश्यकता नहीं रह जाती। सर्जरी के बाद उनकी रिकवरी देखते हुए दो ही दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई। इस मामले ने एक बार फिर साबित किया कि किस प्रकार एडवांस रोबोटिक तकनीकों की मदद से मरीज की लाइफ क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है और कुछ चुनींदा मरीजों के मामले में तो शानदार क्लीनिक परिणाम भी मिलते हैं।
मरीज सैमी का कहना है जब मुझे आस्ट्रेलिया में बताया गया कि मुझे बड़ी सर्जरी और अस्थायी स्टोमा बैग लगाने की आवश्यकता है, तो मुझे यह काफी चुनौतीपूर्ण लगा। उससे पहले करीब एक साल से रेक्टल कैंसर की वजह से मैं काफी परेशान था, और अब स्वास्थ्यलाभ के लिए इस लंबी प्रक्रिया से गुजरने के ख्याल ने ही मुझे चिंता में डाल दिया था, उस पर लाइफ क्वालिटी पर भी गंभीर असर पड़ने का खतरा था। लेकिन फोर्टिस मानेसर और डॉ गायकवाड़ तक पहुंचने के बाद हालात बदल गए। इस एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से पेट में चीरा लगवाए बगैर ही ट्यूमर को पूरी तरह निकालना और सर्जरी के दो दिन बाद ही अस्पताल से छुट्टी मिलना, वाकई किसी चमत्कार से कम नहीं था। मैं अब कैंसर-मुक्त होकर आस्ट्रेलिया लौट रहा हूं, मुझे कोई बाहरी बैग भी नहीं लगाया गया है और मेरा सामान्य जीवन वापस मिल गया है। मैं अपनी पिछली रोगमुक्त जिंदगी लौटाने के लिए फोर्टिस मानेसर के डॉक्टरों का हृइय से आभारी हूं। श्री इंद्रजीत कुमार सिंह, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा इस सफल उपचार ने देश-विदेश के मरीजों के लिए वर्ल्ड क्लास, टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशंस को उपलब्ध कराने की फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहरायी है। जैसे-जैसे हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में विस्तार हो रहा है, हमारा जोर अत्याधुनिक तथा साक्ष्य-आधारित प्रक्रियाओं को अपनाने पर है जिससे मरीजों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के साथ-साथ, कैंसर के जटिल उपचार के मानकों को भी नए सिरे से परिभाषित किया जा सके।




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें