भारत की माननीय राष्ट्रपति ने परोसी अक्षय पात्र की 5 अरबवीं थाली
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, बुधवार 18 मार्च 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का उत्सव मनाया। 25 वर्ष की इस साधना-यात्रा के उत्सव में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि, शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए। कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन और इस्कॉन बेंगलोर के प्रेसिडेंट श्री मधु पंडित दास तथा वाइस चेयरमैन श्री चंचलापति दास उपस्थित रहे।कार्यक्रम का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत था, जिसने विकसित भारत के लिए बाल पोषण और शिक्षा की दिशा में सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में अक्षय पात्र के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रतिष्ठित नेता, सार्वजनिक नीति से जुड़े विचारक, परोपकारी, साझेदार, समर्थक और अन्य प्रमुख हितधारक शामिल हुए। इसके अलावा अक्षय पात्र के कुछ पूर्व लाभार्थी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक और सरकारी स्कूलों के कर्मचारी भी उपस्थित थे। उत्सव के दौरान माननीय राष्ट्रपति ने बच्चों को उपहार दिए और उन्हें भोजन परोसकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाया। भारत सरकार की प्रमुख योजना पीएम-पोषण के कार्यान्वयन सहयोगी के रूप में अक्षय पात्र देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है।
वर्तमान में फाउंडेशन 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 स्थानों पर स्थित अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रतिदिन 30 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि आज बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के इस कार्यक्रम में भाग लेकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। हम सब शिक्षा संबंधी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अक्षय पात्र संस्था द्वारा 5 बिलियन मील्स परोसने की उल्लेखनीय उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस आयोजन का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ है जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प के लिए एक पोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करता है।इस अवसर पर मैं इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य श्रील प्रभुपाद जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ जिन्होंने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहाँ कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। यह अत्यंत प्रशंसनीय है कि अक्षय पात्र संस्था विद्यालयों में मिड़े मील -पहुंचाकर, बच्चों में पोषण की समस्या को दूर करने और उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 25 वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है।
केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा मैं श्रील प्रभुपाद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनकी प्रेरणा से यह निःस्वार्थ खाद्य वितरण पहल शुरू हुई और आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। मैं श्री मधु पंडित दास जी और श्री चंचलापति दास जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि ने अक्षय पात्र आंदोलन की नींव रखी। 25 वर्षों की यह यात्रा आसान नहीं रही, फिर भी आपका संकल्प अडिग बना रहा। आज इस जनआंदोलन के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक भारत का शिक्षा क्षेत्र है। श्री मधु पंडित दास ने कहा मैं आज के इस कार्यक्रम में पधारने के लिए माननीय राष्ट्रपति महोदया का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही माननीय शिक्षा मंत्री और अन्य सभी विशिष्ट अतिथियों का भी धन्यवाद देता हूँ। जब हम मानवता की सेवा के 25 वर्ष और 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं कोई बच्चा भूखा न रहें। श्री चंचलापति दास ने कहा अक्षय पात्र के लिए यह अत्यंत आनंद का अवसर है कि हमने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में 5 अरब भोजन परोसने का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। हमें विश्वास है कि अक्षय पात्र की सफल सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) भविष्य में और अधिक बच्चों को पोषण और शिक्षा तक आसान पहुंच दिलाने में मदद करेगी और वे आने वाले वर्षों में नए और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें