फिल्म समीक्षा : धमाल-4

फिल्म धमाल-4 हंसी, रोमांच और मनोरंजन का डबल डोज़

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 11 जुलाई 2026, फिल्म समीक्षक : रेहाना परवीन  (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। फिल्म धमाल-4 शुक्रवार 10 जुलाई 2026 को विशेष प्रेस शो डिलाइट डायमंड, दिल्ली में मुझे देखने का अवसर मिला। फिल्म धमाल-4 अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, रवि किशन, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर, इत्यादि  कलाकार हैं विशेष उपस्थिति में सतीश कौशिक को फिल्म में CGI और AI तकनीक के माध्यम से श्रद्धांजलि स्वरूप उनके लोकप्रिय किरदार में दिखाया गया है। जैकी श्रॉफ का भी विशेष कैमियो है। फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है उन्होंने फिल्म धमाल फ्रेंचाइज़ी की पिछली फिल्मों का भी निर्देशन किया था। इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से UA 13+ प्रमाण पत्र दिया गया है। इसका अर्थ है कि 16 वर्ष से कम आयु के दर्शकों को अभिभावकों की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी जाती है। फिल्म की अवधि लगभग 2 घंटे 23 मिनट (143 मिनट) है। फिल्म धमाल-4 को CBFC ने बिना किसी दृश्य (सीन) को हटाए प्रमाणित किया लेकिन कुछ संवादों और कुछ हाथ के इशारों में मामूली बदलाव करने के निर्देश दिया था। करीब दो दशक से दर्शकों को गुदगुदाती आ रही धमाल फ्रेंचाइज़ी अपनी चौथी किस्त धमाल-4 के साथ एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आई है। निर्देशक इंद्र कुमार इस बार भी दर्शकों को हंसी, रोमांच और पारिवारिक मनोरंजन का भरपूर पैकेज देने में सफल दिखाई देते हैं। फिल्म 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और शुरुआती प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। फिल्म साफ़ सुथरी है परिवार के साथ देखा जा सकता है परन्तु इस फिल्म को देखने के लिए अपनी दिमाग को आराम करने दें क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है यह मत सोचें बस फिल्म देखने पर फोकस रखें और हस्ते रहें।  

फिल्म की कहानी एक रहस्यमयी खजाने की खोज के इर्द-गिर्द घूमती है। जैसे-जैसे किरदार इस खजाने तक पहुंचने की कोशिश करते हैं वैसे-वैसे हास्यास्पद परिस्थितियां, गलतफहमियां और रोमांचक घटनाएं जन्म लेती हैं। कहानी भले ही बहुत नई न लगे लेकिन इसकी प्रस्तुति, कॉमिक टाइमिंग और तेज रफ्तार दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। फिल्म में अजय देवगन ने अपने संयमित हास्य से प्रभावित किया है जबकि अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी अपनी पुरानी लय में नजर आते हैं। संजय मिश्रा और रवि किशन की मौजूदगी फिल्म में अतिरिक्त हास्य का तड़का लगाती है। पूरी स्टारकास्ट के बीच शानदार तालमेल फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है। तकनीकी पक्ष की बात करें तो सिनेमैटोग्राफी आकर्षक है और बड़े पैमाने पर फिल्माए गए एडवेंचर दृश्य प्रभाव छोड़ते हैं। संगीत हल्का-फुल्का और मनोरंजक है जबकि पैसा लाओ गीत पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। फिल्म का पहला भाग लगातार हंसाता है हालांकि दूसरे भाग में कुछ दृश्य थोड़े लंबे महसूस होते हैं। इसके बावजूद क्लाइमैक्स दोबारा फिल्म को गति देता है और दर्शकों को संतोषजनक अंत प्रदान करता है। फिल्म देखने का मजा खराब ना हो इसलिए पूरी कहानी और हंसी का पुलंदा आपको नहीं बता रही हूँ कियोंकि फिल्म को आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ सिनेमाघरों में जाकर बड़े पर्दे पर देखने का अलग मजा आएगा। मैँ इस फिल्म को पांच में से साढ़े तीन स्टार देती हूँ और जो दर्शक बगैर सोचे कॉमेडी फिल्म देखकर लोटपोट होने वाली फिल्म को पसंद करते हैं उनके लिए पांच में से चार स्टार देती हूँ।

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