भारत में लॉन्च हुई दुनिया की पहली साप्ताहिक बेसल इंसुलिन अविक्ली

मधुमेह के रोगी को अब हफ्ते में सिर्फ एक इंजेक्शन लगेगी 

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 10 जुलाई 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। मधुमेह के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क इंडिया ने भारत में अविक्ली® (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च किया है जिसे दुनिया की पहली और अब तक की एकमात्र साप्ताहिक बेसल इंसुलिन बताया जा रहा है। यह दवा टाइप-1 और टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित वयस्क मरीजों के लिए विकसित की गई है। कंपनी के अनुसार अब मरीजों को रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लेने की जरूरत नहीं होगी। अविक्ली® के जरिए सप्ताह में केवल एक बार इंजेक्शन लेना होगा। इससे सालभर में इंसुलिन इंजेक्शन की संख्या 365 से घटकर सिर्फ 52 रह जाएगी, जिससे मरीजों के लिए उपचार पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रांत श्रोत्रिय ने कहा कि अविक्ली® का भारत में लॉन्च मधुमेह उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनका कहना है कि यह नई तकनीक इंसुलिन थेरेपी को अधिक सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी तथा मरीजों में इंजेक्शन को लेकर होने वाले डर और झिझक को कम करने में मदद करेगी। कंपनी के मुताबिक ऑनवर्ड्स-1 क्लिनिकल ट्रायल में अविक्ली® ने पारंपरिक रोजाना दी जाने वाली बेसल इंसुलिन की तुलना में बेहतर ग्लूकोज नियंत्रण दिखाया। अध्ययन में मरीजों के एचबीए1सी स्तर में अधिक कमी और टाइम इन रेंज में सुधार दर्ज किया गया, जबकि सुरक्षा के स्तर पर भी संतोषजनक परिणाम मिले।

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली के वरिष्ठ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट *डॉ. एस.के. वांगनू ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में मरीज इंजेक्शन के डर और अन्य कारणों से समय पर इंसुलिन शुरू नहीं कर पाते। साप्ताहिक बेसल इंसुलिन इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती है और मरीजों के लिए उपचार को आसान बना सकती है। भारत में मधुमेह की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, जबकि 13.6 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज़ की श्रेणी में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इंसुलिन उपचार शुरू न होने के कारण मरीजों में जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। कंपनी का दावा है कि अविक्ली® का उपयोग फ्लेक्सटच® डिवाइस के माध्यम से किया जाएगा, जो आसान और सटीक इंजेक्शन तकनीक के लिए जाना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई साप्ताहिक इंसुलिन भारत में मधुमेह प्रबंधन को अधिक प्रभावी और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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