क्वेस कॉर्प ने IOM-UN Migration के साथ किया साझेदारी
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 11 जुलाई 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी और वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्टाफिंग समाधान कंपनी क्वेस कॉर्प ने आज संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य विदेश में रोजगार की तलाश करने वाले श्रमिकों के लिए एक संगठित सहायता तंत्र विकसित करना है, जिसमें भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए सुरक्षित, नियमसम्मत और पारदर्शी प्रवासन मार्ग उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, निर्माण, लॉजिस्टिक्स और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में भारतीय और दक्षिण-पूर्व एशियाई कार्यबल की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले एक दशक में क्वेस ने 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वर्तमान में एशिया के विभिन्न बाजारों में 4.8 लाख से अधिक कर्मचारियों के कार्यबल का प्रबंधन कर रही है। भारत, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित अन्य वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति के साथ, क्वेस के पास सीमापार कार्यबल प्रबंधन का व्यापक अनुभव और परिचालन क्षमता है, जो एशिया में नैतिक श्रम गतिशीलता ढांचे को सुदृढ़ करने में सहायक होगी। भारत विश्व के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है, जहाँ भारतीय मूल के 3.5 करोड़ से अधिक लोग दुनिया भर में निवास करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या प्रवासी श्रमिकों की है। वर्ष 2014 में शुरू की गई भारत सरकार की ई-माइग्रेट (e-Migrate) प्रणाली के माध्यम से अब तक 50 लाख से अधिक भारतीय श्रमिकों को, विशेषकर निम्न और अर्द्ध-कुशल श्रेणियों में, विदेशों में रोजगार प्राप्त हुआ है। यद्यपि भारत में भर्ती की एक विनियमित व्यवस्था मौजूद है, फिर भी विदेश मंत्रालय ने 3,000 से अधिक अनधिकृत भर्ती एजेंटों की पहचान की है, जिससे सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नैतिक प्रवासन व्यवस्था की आवश्यकता स्पष्ट होती है। क्वेस कॉर्प की व्यापक कार्यबल विशेषज्ञता और प्रवासन प्रबंधन में IOM के वैश्विक अनुभव को एक साथ लाकर यह पहल भ्रामक सूचनाओं के स्थान पर सत्यापित, सुरक्षित और नियमित प्रवासन मार्ग उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
इस पहल के अंतर्गत टेली-माइग्रेंट रिसोर्स सेंटर (Tele-MRC) की स्थापना की जाएगी, जो एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन के रूप में कार्य करेगा और प्रवासन की पूरी प्रक्रिया के दौरान—दस्तावेज़ीकरण, कानूनी प्रक्रियाओं, शिकायत निवारण सहित कई भाषाओं में मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रमुख क्षेत्रों में भौतिक सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को सरकार द्वारा अनुमोदित, सत्यापित जानकारी और सहायता सीधे उपलब्ध कराकर अनौपचारिक एजेंटों पर उनकी निर्भरता कम करना है। इस अवसर पर क्वेस कॉर्प के कार्यकारी निदेशक एवं समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी, लोहित भाटिया ने कहा स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य, निर्माण और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कुशल एवं अर्द्ध-कुशल प्रतिभाओं की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि कार्यबल की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही सुरक्षित, नैतिक और पारदर्शी व्यवस्थाओं के माध्यम से हो। भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख प्रतिभा केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आर्थिक तथा सामाजिक—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। IOM इंडिया के साथ इस सहयोग के माध्यम से क्वेस एक ऐसे विश्वसनीय प्रवासन तंत्र के निर्माण में योगदान देना चाहता है, जो श्रमिकों को प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराए, उनके अधिकारों की रक्षा करे और उन्हें सम्मानजनक वैश्विक अवसरों तक पहुँचने में सक्षम बनाए।
IOM भारत एवं भूटान के प्रमुख, संजय अवस्थी ने कहा दुनिया भर में भारतीय मूल के 3.5 करोड़ से अधिक लोगों की उपस्थिति और केवल वर्ष 2025 में ही 4.8 लाख से अधिक भारतीयों को प्रवासन स्वीकृति (Emigration Clearance) मिलने के मद्देनज़र, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नियमित प्रवासन मार्ग पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गए हैं। IOM का मानना है कि सही जानकारी और विश्वसनीय सहायता प्रणाली प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा तथा उन्हें सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाने की आधारशिला है। क्वेस कॉर्प के साथ हमारी यह साझेदारी भारत में प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण को केंद्र में रखते हुए नैतिक भर्ती प्रक्रियाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बहुभाषी, सुलभ और श्रमिक-केंद्रित सहायता व्यवस्था के माध्यम से हम प्रवासियों को उनकी पूरी यात्रा के दौरान मार्गदर्शन प्रदान करना चाहते हैं। हमारा साझा उद्देश्य एक ऐसा प्रवासन तंत्र विकसित करना है जो अधिक सुरक्षित, समावेशी तथा गरिमा और संरक्षण के मूल्यों पर आधारित हो। प्रवासन प्रबंधन में IOM के वैश्विक अनुभव और विशेषज्ञता के मार्गदर्शन में यह पहल केवल एक सहायता सेवा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे प्रवासन चक्र को अधिक संगठित और पेशेवर बनाने वाला एक व्यापक तंत्र विकसित करेगी। यह मंच बहुभाषी और सुलभ सेवाओं के माध्यम से प्रस्थान-पूर्व परामर्श, रोजगार अनुबंधों का सत्यापन, वास्तविक समय में शिकायत दर्ज कराने तथा स्वदेश लौटने के बाद पुनर्वास संबंधी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि डिजिटल संसाधनों तक सीमित पहुँच रखने वाले प्रवासी श्रमिक भी किसी विश्वसनीय सहायता प्रणाली से वंचित न रहें। साथ ही, हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त जानकारियाँ उभरते रुझानों की पहचान करने और भविष्य में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नियमित प्रवासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेपों की योजना तैयार करने में भी सहायक होंगी।




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें