SRCC ने सेंटेनरी कर्टन रेज़र के साथ शताब्दी समारोह का किया शुभारंभ
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 3 जनवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। वाणिज्य और अर्थशास्त्र शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) ने शुक्रवार को अपने नॉर्थ कैंपस में आयोजित सेंटेनरी कर्टन रेज़र कार्यक्रम के साथ अपने शताब्दी समारोहों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिक्षा जगत, नीति निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की व्यापक उपस्थिति रही। SRCC के 100वें वर्ष (1926–2026) में प्रवेश के साथ, कार्यक्रम के दौरान संस्था की उस विरासत पर प्रकाश डाला गया जो भारत की आर्थिक और प्रशासनिक संरचना के विकास के समानांतर आगे बढ़ती रही है। कर्टन रेज़र में पूरे वर्ष प्रस्तावित शैक्षणिक सम्मेलनों, नीति संवादों, पूर्व छात्र सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिनका उद्देश्य आने वाले समय की आवश्यकताओं के अनुरूप SRCC को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.योगेश सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में की। उनके साथ एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन श्री अजय एस. श्रीराम भी मंच पर उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत दूरदर्शी उद्योगपति सर श्रीराम को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिन्होंने 1920 में ‘द कमर्शियल स्कूल’ के रूप में इस संस्था की स्थापना की थी। इस अवसर पर टाइमलेस फ्रेम्स नामक स्मारक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया, जिसमें दरियागंज से लेकर वैश्विक पहचान तक SRCC की यात्रा को संकलित किया गया है।
सभा को संबोधित करते हुए प्रो. योगेश सिंह ने SRCC को एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त अकादमिक ब्रांड बताते हुए कहा कि कॉलेज का योगदान केवल रैंकिंग या प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि सौ वर्षों में SRCC ने संस्थानों के निर्माण, पीढ़ियों के विकास और राष्ट्र की प्रगति में प्रभावी भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दिल्ली विश्वविद्यालय को उन अर्थशास्त्रियों, प्रशासकों, न्यायविदों और उद्योग नेताओं पर गर्व है, जिन्होंने SRCC से शिक्षा प्राप्त कर देश की विकास यात्रा में योगदान दिया। भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रो. सिंह ने कहा कि लगभग 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का उभरना इस बात का संकेत है कि SRCC जैसे संस्थान विश्वस्तरीय अर्थशास्त्री, उद्यमी और नीति-निर्माता तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कॉलेज से उद्यमिता, बिज़नेस इनक्यूबेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल फाइनेंस जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन श्री अजय एस. श्रीराम ने कहा कि सेंटेनरी कर्टन रेज़र आत्ममूल्यांकन के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दरियागंज में अपने सीमित आरंभ से लेकर देश के अग्रणी वाणिज्य संस्थान बनने तक SRCC की यात्रा संस्था की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। स्वर्गीय अरुण जेटली के योगदान को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि SRCC की सबसे बड़ी ताकत उसके शिक्षक, छात्र, कर्मचारी और पूर्व छात्र हैं। आगे की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कॉलेज अकादमिक उत्कृष्टता, शोध, बुनियादी ढांचे के विस्तार, एआई-सक्षम शिक्षण, उद्यमिता, समावेशन, स्थिरता और पूर्व छात्र सहभागिता पर विशेष ध्यान देगा।
SRCC की प्राचार्य प्रो. सिमृत कौर ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि शताब्दी समारोह पीढ़ियों से जुड़े शिक्षकों, छात्रों और पूर्व छात्रों की साझा उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि SRCC ने सदैव उद्देश्य और नैतिकता को प्राथमिकता दी है और भविष्य में भी सामाजिक रूप से जिम्मेदार नेतृत्व विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित पूर्व छात्र और शुभचिंतक शामिल हुए, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन, उद्योग और नागरिक समाज में SRCC के प्रभाव को रेखांकित किया। पूर्व केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने उनके जीवन और सार्वजनिक यात्रा पर SRCC के गहरे प्रभाव को याद किया। उन्होंने कहा वह अक्सर इस कॉलेज में बिताए अपने प्रारंभिक वर्षों की बात करते थे और बताते थे कि इसने उनके विचार और मूल्यों को कितनी गहराई से आकार दिया। SRCC को 100 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा यह गर्व का क्षण है। मैं कामना करती हूं कि यह कॉलेज आने वाली सदियों तक ऐसे नेता तैयार करता रहे जो अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट हों और राष्ट्र की विशिष्ट सेवा करें। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फैशन डिज़ाइन काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन सुनीत सेठी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में SRCC के पूर्व छात्रों की सफलता की जड़ें इसकी अकादमिक संस्कृति में हैं। उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि SRCC के पूर्व छात्र हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका बड़ा श्रेय कॉलेज के बहुआयामी और दूरदर्शी शिक्षकों को जाता है। जिंदल SAW लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर और स्वयंम की संस्थापक चेयरपर्सन स्मिनु जिंदल ने संस्थान की समावेशी भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “मुझे SRCC का हिस्सा होने पर अत्यंत गर्व है। SRCC कॉलेज ने मुझे सुलभ और सक्षम वातावरण में पढ़ने का अवसर दिया, जो जीवन भर मेरे साथ रहा।
पूर्व छात्र और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि SRCC ने उनके जीवन और नेतृत्व यात्रा को निर्णायक रूप से आकार दिया। उन्होंने कहा आज मैं जो कुछ भी हूं, उसका श्रेय श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को जाता है। यहां अकादमिक, खेल, छात्र राजनीति, एनसीसी और एनएसएस के माध्यम से मिले नेतृत्व, अनुशासन, टीमवर्क और सार्वजनिक सहभागिता के मूल्यों ने न केवल मेरे करियर, बल्कि मेरे चरित्र को भी गढ़ा। सेलेक्ट सिटीवॉक और सेलेक्ट साइनर्जी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक एवं प्रमोटर नीरज घेई ने पेशेवर आत्मविश्वास निर्माण में संस्थान की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “SRCC अनुशासन, जिज्ञासा और ईमानदारी की भावना विकसित करता है, जो कैंपस छोड़ने के बाद भी आपके साथ रहती है। यह आपको केवल करियर के लिए नहीं, बल्कि नेतृत्व के लिए तैयार करता है। समारोह का समापन ऐतिहासिक कैंपस के दीपन से हुआ जो SRCC की अगली सदी की शुरुआत का प्रतीक बना। इसके बाद कथक-भरतनाट्यम जुगलबंदी और संगीतात्मक प्रस्तुति के माध्यम से संस्था द्वारा देखे गए विभिन्न युगों को सांस्कृतिक श्रद्धांजलि दी गई।




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