शिमला में 23 जून से पर्यावरण संरक्षण के लिए बनेगी विशाल मानव श्रृंखला
क्लीन हिल्स ग्रीन हिल्स मुहिम का होगा आगाज़
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 11 जून 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), शिमला। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए आगामी 23 जून 2026 से शिमला में एक भव्य पर्यावरण संरक्षण मुहिम Clean Hills Green Hills का आधिकारिक शुभारंभ होने जा रहा है। इस अनूठी मुहिम की शुरुआत एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर की जाएगी। यह पूरा अभियान नेशनल ह्युमन वेलफेयर काउन्सिल द्वारा एमिन्टास मीडिया वर्क्स एलएलपी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत चलाया जा रहा है।
काउन्सिल द्वारा पिछले कई दिनों से स्थानीय लोगों और पर्यटकों से पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने और स्वच्छता अपनाने की निरंतर अपील की जा रही है। इस अभियान के शुभारंभ का मुख्य आकर्षण शिमला में बनने वाली एक विशाल मानव श्रृंखला होगी। इसमें किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की भागीदारी देखने को मिलेगी। आयोजन में स्थानीय नागरिकों, दूर-दराज से आए पर्यटकों, सामाजिक संगठनों, स्कूली व कॉलेज के विद्यार्थियों सहित भारी संख्या में पर्यावरण प्रेमी हिस्सा लेंगे।
आयोजकों का मानना है कि यह मानव श्रृंखला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्रकृति के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का एक सशक्त संदेश देगी, जो हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में जनचेतना का एक नया उदाहरण स्थापित करेगी। नेशनल ह्युमन वेलफेयर काउन्सिल के अध्यक्ष श्री गुंजन मेहता ने इस आगामी कार्यक्रम को लेकर उत्साह जताते हुए कहा यह मानव श्रृंखला इस पूरे अभियान का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके माध्यम से एक ही समय में हजारों लोगों तक स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का सीधा संदेश पहुंचेगा। इस आयोजन का व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ेगा और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने में मील का पत्थर साबित होगा। जब समाज एक श्रृंखला बनकर प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेता है, तब परिवर्तन एक जनआंदोलन का रूप ले लेता है।
इस मुहिम और मानव श्रृंखला के जरिए देश-विदेश से शिमला आने वाले सैलानियों और स्थानीय जनता को यह कड़ा संदेश दिया जाएगा कि "स्वच्छ पहाड़, सुंदर पहाड़, सुरक्षित भविष्य" केवल दीवारों पर लिखा कोई नारा नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है। प्रशासन और संस्था ने सभी वर्ग के लोगों से 23 जून को होने वाले इस भव्य आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और पहाड़ों को बचाने के इस संकल्प में अपना योगदान देने का आह्वान किया है।वो



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