मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर ने मनाया पहला दीक्षांत समारोह
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, बुधवार 3 जून 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। प्रतिष्ठित मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन जो कि एक उत्कृष्ट संस्थान मानद विश्वविद्यालय है के घटक संस्थान मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर ने आज बारीडीह स्थित अपने कॉलेज परिसर में अपना पहला दीक्षांत समारोह मनाया। MAHE के 33वें दीक्षांत समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित यह कार्यक्रम कॉलेज की यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। यह समारोह संस्थान के लिए एक बेहद गौरवशाली क्षण था, क्योंकि शैक्षणिक सत्र 2020-2021 के 133 एमबीबीएस छात्रों के पहले अग्रणी बैच को आज स्नातक की उपाधि दी गई। समारोह के दौरान, MAHE के कुलपति डॉ. शरथ के. राव ने औपचारिक रूप से इन स्नातकों को मेडिकल की डिग्रियां प्रदान कीं, जो अब इस क्षेत्र के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस गरिमामयी समारोह में झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री सुंदर रामम, विशेष परियोजनाओं के समूह अध्यक्ष और MAHE के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सोमनाथ दास, और MTMC के डीन डॉ. एच. एस. बंधु भी मंच पर मौजूद रहे। इस दीक्षांत समारोह में स्नातक होने वाले छात्रों के परिवार के सदस्य, मित्र, MAHE और टाटा स्टील लिमिटेड का वरिष्ठ नेतृत्व, MTMC के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रतिष्ठित शिक्षाविद, फैकल्टी मेंबर्स और कई आमंत्रित गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
दीक्षांत भाषण देते हुए झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने इस समारोह को न केवल शैक्षणिक उपलब्धि का, बल्कि समाज के प्रति स्नातकों के भावी योगदान का भी उत्सव बताया। संस्थान के संस्थापकों के दृष्टिकोण को याद करते हुए उन्होंने कहा,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सामाजिक परिवर्तन के सबसे शक्तिशाली माध्यम हैं। एक स्वस्थ और अधिक न्यायसंगत समाज के निर्माण के लिए एक मजबूत नींव तैयार करना बेहद जरूरी है। राज्यपाल ने नए डॉक्टरों को याद दिलाया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक मिशन है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों से चिकित्सा पद्धतियों में बड़े बदलाव आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवा का मूल आधार आज भी सहानुभूति, विश्वास और मानवीय जुड़ाव में ही निहित है।
इस गौरवशाली क्षण में वर्चुअली शामिल होते हुए झारखंड सरकार के माननीय स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी ने कहा हमारा काम मरीजों को केवल चिकित्सा उपचार देने तक सीमित नहीं है। हमारा कर्तव्य उनके अधिकारों के लिए खड़े होना, उनका विश्वास जीतना और संकट की घड़ी में उनके लिए एक सुरक्षित, गंभीर और मानवीय संबल बनना भी है। यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने मरीजों को यह भरोसा दिलाएं कि आपके इलाज से ठीक होकर बाहर निकलने के बाद उनके पास एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने का पूरा मौका है। स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए श्री विजय कुमार ने युवा डॉक्टरों से अपने इस पेशे को पूरे जुनून, ईमानदारी और जीवनभर कुछ नया सीखने के संकल्प के साथ अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सामूहिक प्रयास है और मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स और सपोर्ट स्टाफ के बीच टीम वर्क की भूमिका सबसे अहम होती है।
MAHE के कुलपति डॉ. शरथ के. राव ने अपने संबोधन में कहा, MTMC चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अपनी उत्कृष्ट प्रतिष्ठा के साथ एक मजबूत शैक्षणिक संस्थान के रूप में उभरा है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारा यह पहला स्नातक बैच चिकित्सा के इस निरंतर बदलते क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आवश्यक योग्यता, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आगे कहा, "हमारा निरंतर ध्यान ऐसे डॉक्टरों को तैयार करने पर है जो भारत और दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा में सार्थक योगदान दे सकें। हम अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के तहत MTMC में अनुसंधान और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे। इस अवसर पर बोलते हुए सोमनाथ दास ने कहा, "चिकित्सा शिक्षा में प्राइवेट कंसोर्टियम को लेकर सरकार का जो नीतिगत दृष्टिकोण था, उसे MTMC में सफलतापूर्वक हकीकत में बदला गया है। पहले बैच का स्नातक होना इस अग्रणी साझेदारी की ताकत और समाज के लिए इसके दीर्घकालिक मूल्य का एक जीता-जागता प्रमाण है।टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष डी. बी. सुंदर रामम ने कहा, टाटा स्टील ने हमेशा समाज में सार्थक योगदान देने पर विश्वास किया है, और MTMC उस प्रतिबद्धता को बेहद प्रभावशाली तरीके से दर्शाता है।





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