भारत बिल्डकॉन 2026 में इंटर टेक ने किया भागीदारी

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 19 जून 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। यशोभूमि में आज से शुरू हुए भारत बिल्डकॉन 2026 में देश के निर्माण क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों और आधुनिक समाधानों का प्रदर्शन किया जा रहा है। अत्याधुनिक निर्माण सामग्री, स्मार्ट भवन प्रणालियां और टिकाऊ तकनीकों के बीच एक ऐसा विषय भी है, जो दिखाई नहीं देता, लेकिन हर इमारत की सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव होता है अर्थिंग व्यवस्था। हाल ही में हौज रानी में लगी भीषण आग, जिसमें 22 लोगों की जान चली गई, और दक्षिण दिल्ली में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार के घर में लगी आग, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई तथा प्रारंभिक जांच में खराब विद्युत वायरिंग को संभावित कारण माना जा रहा है, ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिक इमारतें तभी सुरक्षित हैं, जब उनकी विद्युत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो। गर्मियों में बढ़ते बिजली भार के दौरान वातानुकूलन यंत्र, विद्युत शॉर्ट सर्किट या किसी छोटे विद्युत दोष से शुरू हुई आग कुछ ही मिनटों में बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसी स्थिति में मजबूत अर्थिंग व्यवस्था अतिरिक्त विद्युत धारा को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर आग और अन्य दुर्घटनाओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।

भारत तेजी से नए घरों, अस्पतालों, वाणिज्यिक परिसरों, औद्योगिक इकाइयों और आधुनिक शहरों का निर्माण कर रहा है। भारत बिल्डकॉन 2026 इसी विकास यात्रा का प्रतिबिंब है। लेकिन इस तेज विकास के बीच अर्थिंग प्रणाली को अब भी अक्सर एक सामान्य तकनीकी व्यवस्था समझा जाता है, जबकि यह किसी भी भवन की सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। कमजोर या खराब अर्थिंग व्यवस्था अतिरिक्त विद्युत धारा को सुरक्षित रूप से जमीन तक नहीं पहुंचा पाती। इसका परिणाम केवल बिजली आपूर्ति बाधित होना नहीं, बल्कि आग जैसी गंभीर दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। हर वर्ष गर्मियों और मानसून के दौरान होने वाली अनेक घटनाएं इस बात की पुष्टि करती हैं कि बेहतर अर्थिंग व्यवस्था अपनाकर ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। इंटर टेक अर्थिंग एक्सपर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरमोहित सिंह के नेतृत्व में कंपनी भारत बिल्डकॉन 2026 (18 से 21 जून) में अपनी ‘50 साल चलने वाली अर्थिंग’ तकनीक का प्रदर्शन कर रही है। यशोभूमि के हॉल संख्या 01, क्लब एनपीसी पवेलियन ए120/140 में प्रदर्शित यह तकनीक आवासीय भवनों, अस्पतालों, डाटा केंद्रों, औद्योगिक परिसरों और बड़े आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए विकसित की गई है। इसका उद्देश्य लंबे समय तक बिना रखरखाव के सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी विद्युत सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इंटर टेक का मानना है कि सुरक्षित भवन केवल अच्छी डिजाइन या मजबूत निर्माण सामग्री से नहीं बनते, बल्कि उनकी विद्युत सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए। वास्तुकारों और निर्माणकर्ताओं के लिए: ऐसी अर्थिंग व्यवस्था को प्राथमिकता दें, जो पूरी इमारत के जीवनकाल तक सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करे। 

यांत्रिक, विद्युत एवं पाइपलाइन (एमईपी) पारंपरिक और अधिक रखरखाव वाली प्रणालियों के बजाय ऐसी आधुनिक अर्थिंग तकनीक अपनाएं, जो 50 वर्षों तक लगातार बेहतर विद्युत चालकता बनाए रखे और प्रणाली विफल होने की संभावना को न्यूनतम करे। किसी भी इमारत की असली सुरक्षा उसकी नींव में छिपी होती है। उच्च गुणवत्ता वाली अर्थिंग व्यवस्था न केवल निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाती है, बल्कि उसमें रहने और काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है। इस अवसर पर इंटर टेक अर्थिंग एक्सपर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरमोहित सिंह ने कहा भारत बिल्डकॉन में हमारा उद्देश्य केवल अपनी तकनीक का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि पूरे निर्माण क्षेत्र को यह संदेश देना है कि सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत संरचना की शुरुआत मजबूत अर्थिंग व्यवस्था से होती है। यदि निर्माण उद्योग 50 वर्षों तक विश्वसनीय रहने वाली आधुनिक अर्थिंग तकनीक को अपनाता है, तो विद्युत दोषों से होने वाली आग की अनेक घटनाओं को रोका जा सकता है और हजारों लोगों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सकता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन