जंतर-मंतर पर ग्राहक पंचायत का किया विशाल धरना

एमआरपी व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर 

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, रविवार 14 जून 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत** के देशभर से आए कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। धरने में विभिन्न राज्यों से आए उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित करीब 1000 लोगों ने भाग लिया। धरना स्थल से संगठन के नेताओं ने देशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि एमआरपी व्यवस्था में मौजूद विसंगतियों को दूर किए बिना उपभोक्ताओं को न्याय नहीं मिल सकता। धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायणभाई शाह** ने कहा कि एमआरपी व्यवस्था का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं को मनमाने मूल्य वसूली से बचाना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कई गंभीर खामियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को यह जानने का अधिकार है कि किसी वस्तु की वास्तविक उत्पादन लागत क्या है और उस पर कितना लाभ जोड़ा गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस संबंध में शीघ्र प्रभावी कानून एवं स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, जिससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर कब तक उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन होता रहेगा।

राष्ट्रीय सचिव जयंतभाई कथिरिया ने कहा कि एमआरपी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर संगठन का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिला था और उन्हें ज्ञापन सौंपा था। विभिन्न मंत्रियों के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर का यह धरना सरकार और नीति-निर्माताओं का ध्यान उपभोक्ताओं की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में कई उत्पादों की कीमतें एमआरपी के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय कर रही हैं और आम नागरिक स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष ईश्वर चंद ने कहा कि उपभोक्ता जागरूकता के बिना अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है। ग्राहक पंचायत अब देशव्यापी अभियान चलाकर लोगों को एमआरपी की वास्तविकता से अवगत कराएगी और इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्पाद की गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण संबंधी जानकारी प्राप्त करना प्रत्येक ग्राहक का अधिकार है।

प्रदेश सचिव बंटी चौरासिया ने कहा कि उत्पादन लागत, वितरण लागत तथा लाभांश की जानकारी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने की मांग को लेकर संगठन घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाएगा। विशेष रूप से दवाओं के मूल्य में पाए जाने वाले भारी अंतर के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी मूल्य निर्धारण व्यवस्था न केवल उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करेगी, बल्कि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, विश्वास और जवाबदेही को भी बढ़ावा देगी। एमआरपी व्यवस्था में सुधार के लिए संगठन का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। धरने में राष्ट्रीय सह-सचिव विवेकानंद, राष्ट्रीय पदाधिकारी मुकेश त्यागी, शैलेन्द्र दुबे, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री नवीन जैन, दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष बृजमोहन गर्ग, **निर्मल लवानिया, सह सचिव अनुज चौधरी, मुकेश मिश्रा, प्रबंधन समिति के संयोजक सुनील जैन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सोलंकी, कार्यकारिणी सदस्य बिजेन्द्र शर्मा, मोहनजीत कौर, कपिल मोगा, आशा शुक्ला, अनिल अग्रवाल, संगीता शर्मा, मुकेश जैन, धर्मेश गौड़ (प्रचार आयाम) सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धरने के अंत में संगठन ने देशभर के कार्यकर्ताओं से उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाने तथा एमआरपी व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

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