डॉ. बबीता श्रीवास्तव: डिज़ाइन शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली विज़नरी लीडर

सुकृति प्रोफेशनल एकेडमी की संस्थापक एवं निदेशक ने शिक्षा, नवाचार और इंडस्ट्री एक्सपोज़र का बनाया सशक्त संगम

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 18 जून 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। तेजी से बदलती डिज़ाइन इंडस्ट्री में सफलता केवल रचनात्मकता से नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव, आधुनिक तकनीक और सही मार्गदर्शन से प्राप्त होती है। इसी सोच को साकार करने का कार्य कर रही हैं डॉ. आर्किटेक्ट बबीता श्रीवास्तव जिन्होंने डिज़ाइन शिक्षा को नई दिशा देने के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल विकसित किया है। एक अनुभवी इंटीरियर आर्किटेक्ट, शिक्षिका और उद्यमी के रूप में उन्होंने हजारों छात्रों के करियर को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सुकृति प्रोफेशनल एकेडमी की संस्थापक एवं निदेशक के रूप में डॉ. बबीता श्रीवास्तव का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष और आत्मविश्वासी डिज़ाइन प्रोफेशनल्स तैयार करना है जो इंडस्ट्री की वास्तविक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।

शिक्षा को उद्योग से जोड़ने का सफल प्रयास

डॉ. बबीता श्रीवास्तव का मानना है कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान किसी भी छात्र को सफल पेशेवर नहीं बना सकता। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी एकेडमी में शिक्षा को वास्तविक परियोजनाओं और उद्योग जगत की आवश्यकताओं से जोड़ने का अभिनव मॉडल विकसित किया है।सुकृति प्रोफेशनल एकेडमी में छात्रों को **लाइव प्रोजेक्ट्स, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, 3D विज़ुअलाइज़ेशन, डिज़ाइन सॉफ्टवेयर और AI आधारित डिज़ाइन तकनीकों** का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं और पेशेवर दुनिया के लिए तैयार होते हैं।

प्रतिष्ठित मंचों पर निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

डॉ. बबीता श्रीवास्तव की विशेषज्ञता और अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। उन्होंने ACETECH और D-Arc Build जैसे प्रतिष्ठित डिज़ाइन एवं आर्किटेक्चर मंचों पर जूरी सदस्य के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन मंचों के माध्यम से उन्होंने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और डिज़ाइन शिक्षा के नए मानकों को स्थापित करने में योगदान दिया है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त सम्मान

डिज़ाइन शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं :-

आइकॉनिक ब्रांड ऑफ द ईयर – 2022, वुमन एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2024, विज़नरी लीडर इन क्रिएटिव एजुकेशन 2026 ये सम्मान उनकी दूरदर्शी सोच, नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण हैं।

करियर मार्गदर्शन और शोध कार्यों में सक्रिय योगदान

शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका के साथ-साथ डॉ. बबीता श्रीवास्तव युवाओं के करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास के लिए भी लगातार कार्य कर रही हैं। उनकी पुस्तक My Own Career Designer युवाओं को अपने करियर की सही दिशा चुनने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है। इसके अलावा वे विभिन्न शोध कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से भी छात्रों और शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

सस्टेनेबल डिज़ाइन को बढ़ावा देने की पहल

डॉ. बबीता श्रीवास्तव सस्टेनेबल डिज़ाइन और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण अवधारणाओं को भी बढ़ावा दे रही हैं। उनका मानना है कि भविष्य का डिज़ाइन केवल सुंदरता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

नई पीढ़ी के डिज़ाइन लीडर्स तैयार करने का लक्ष्य

डॉ. बबीता श्रीवास्तव का उद्देश्य ऐसे डिज़ाइन प्रोफेशनल्स तैयार करना है जो रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक समझ के साथ इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना सकें। उनकी शिक्षा पद्धति छात्रों को केवल रोजगार योग्य नहीं बनाती, बल्कि उन्हें नवाचार, उद्यमिता और नेतृत्व की दिशा में भी प्रेरित करती है।

प्रेरणा और सफलता की मिसाल

डॉ. बबीता श्रीवास्तव की यात्रा यह साबित करती है कि यदि शिक्षा को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व के साथ जोड़ा जाए, तो वह समाज और उद्योग दोनों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। आज वे डिज़ाइन शिक्षा के क्षेत्र में एक सम्मानित नाम हैं और हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। उनकी सोच और प्रयास भारतीय डिज़ाइन शिक्षा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह छात्रों को केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, कौशल और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी प्रदान करे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन