MSME प्राइड वाल्कथॉन 2026 ने उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ा

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 25 जून 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस 2026 के उपलक्ष्य में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA),  दिल्ली द्वारा करनैल सिंह स्टेडियम, नई दिल्ली में "MSME Pride Walkathon 2026" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम "गुणवत्ता, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के लिए साथ-साथ चलें" रही। यह आयोजन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ मिलकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, जेएनयू; बनारसीदास चांदीवाला इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज; जम्मू-कश्मीर बैंक; रन एंड रैली क्लब तथा अचीवर्स स्क्वॉड भी सहभागी रहे। IIA दिल्ली की स्टेट चेयरपर्सन डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी के नेतृत्व में आयोजित MSMEप्राइड वाल्कथॉन 2026 एक प्रेरक जन-अभियान के रूप में उभरा, जिसमें उद्योगपति, उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि, नवाचारक, शिक्षाविद, छात्र, गुणवत्ता विशेषज्ञ और नीति निर्माता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य MSME क्षेत्र को सशक्त बनाते हुए गुणवत्ता, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के माध्यम से विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को आगे बढ़ाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, जिसके पश्चात डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी ने स्वागत संबोधन दिया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि MSMEs केवल उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के सबसे सशक्त स्तम्भ हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनना है तो MSMEs, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और गुणवत्ता संस्थाओं को मिलकर नवाचार, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखनी होगी। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि डॉ. संजय मयूख, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया सह-प्रमुख, भाजपा तथा सदस्य, बिहार विधान परिषद ने MSME क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र रोजगार सृजन, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निदेशक एवं प्रमुख, DBO-II, श्री वेद प्रकाश ने MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में गुणवत्ता मानकों और प्रमाणन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता आधारित उत्पादन भारतीय MSMEs को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिला सकता है।

IIA के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने उद्यमिता, नवाचार और उद्योग जगत के सहयोग को भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बताया। वहीं IIA दिल्ली के सचिव श्री नीरज बजाज ने कहा कि MSMEs देश में विकास और रोजगार के प्रमुख इंजन हैं तथा IIA उनके सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्टार्टअप मेंटर्स तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण IIA अचीवेरस अवार्ड्स 2026 रहा। अरूकस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुश्री कोमल कृति को यंग इंटरप्रेन्योर अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं श्री देवेंद्र तिवारी तथा एवराइट एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड को उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान के लिए सक्सेसफुल इंटरप्रेन्योर अवार्ड प्रदान किया गया। वॉकाथॉन के उपरांत प्रतिभागियों ने स्टेडियम परिसर में एक प्रतीकात्मक मानव श्रृंखला बनाकर गुणवत्ता, नवाचार, उद्यमिता, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम की एक अन्य विशेष पहल MSME Commitment Board रही, जिस पर प्रतिभागियों ने MSME क्षेत्र की प्रगति, प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्ज करते हुए हस्ताक्षर किए।

डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान के लिए BIS टीम के श्री राहुल एवं श्री आदित्य सहित सभी सहयोगियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री राकेश अनेजा, श्री संजय अग्रवाल, श्री हर्ष अग्रवाल तथा श्री संजय गर्ग की उपस्थिति और सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों श्री चरणजीत सिंह, श्री मृगेन्द्र कुमार, श्री मधुकर सहाय, सीए एच.के. गुप्ता, श्री नरेंद्र कोठारी, श्री मनीष चावला, श्री ऋषभ अग्रवाल, सुश्री इश्मित कौर एवं सुश्री रमनीत कौर के समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना की, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन IIA के CEC सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, साझेदार संस्थाओं, प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि MSME क्षेत्र भारत की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है। MSMEप्राइड वाल्कथॉन 2026 ने गुणवत्ता, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को सशक्त करते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की।

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