सिंधु समाज दिल्ली ने भावपूर्ण ढंग से मनाया स्वतंत्रता दिवस
तिरंगा फहराकर शहीदों और सिंध से विस्थापित होकर आए पूर्वजों को किया नमन
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, रविवार 16 अगस्त 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। सिंधु समाज दिल्ली (पंजीकृत) की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति और श्रद्धा के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित समाज के लोगों ने राष्ट्र की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की एकता, अखंडता एवं समृद्धि का संकल्प लिया। सिंधु समाज दिल्ली के महामंत्री श्री नरेश बेलानी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन अनगिनत वीरों को याद करने का अवसर है जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी से भारत को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज हम जिस आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे वीर शहीदों का त्याग, संघर्ष और बलिदान है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि सिंधी समाज के बलिदान और संघर्ष की कहानी भी देश के इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। विभाजन के समय सिंध की अपनी जन्मभूमि, घर, कारोबार, संपत्ति, रिश्ते-नाते और जीवनभर की कमाई छोड़कर हजारों-लाखों सिंधी परिवार भारत आए। अनेक परिवारों ने सब कुछ खो दिया, लेकिन देश के प्रति विश्वास और नई जिंदगी शुरू करने के हौसले को नहीं खोया।
उन्होंने कहा हमारे बुजुर्ग सिंध से खाली हाथ भारत आए थे लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत, ईमानदारी और संघर्ष से न केवल अपने परिवारों को संभाला, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। हमें उनके त्याग को कभी नहीं भूलना चाहिए।श्री बेलानी ने कहा कि आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह स्वतंत्रता के मूल्य को समझे और देश की एकता, भाईचारे तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाए। सिंधी समाज ने हमेशा देश की तरक्की और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आगे भी इसी भावना के साथ देश के विकास में योगदान देता रहेगा। कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोगों ने तिरंगे को नमन करते हुए अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों तथा उन सिंधी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी के बावजूद भारत को अपना घर बनाया और अपने संघर्ष से नई पहचान बनाई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और देश की एकता-अखंडता के संकल्प के साथ हुआ।



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