फिल्म समीक्षा : हैवान
(हैवान में सितारे बड़े, लेकिन रोमांच उम्मीद से छोटा)
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 12 सितम्बर 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), (फिल्म समीक्षक : रेहाना परवीन) नई दिल्ली। फिल्म हैवान वीरवार 10 सितम्बर 2026 को विशेष प्रेस शो PVR सलेक्ट सीटी माल साकेत, दिल्ली में मुझे देखने का अवसर मिला। फिल्म हैवान में अक्षय कुमार, सैफ अली खान, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, इत्यादि कलाकार हैं। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने दिया है फिल्म का निर्माण KVN प्रोडक्शंस & थेस्पियन फिल्म्स ने किया है। फिल्म की शैली क्राइम थ्रिलर पर आधारित है। फिल्म को सेंसर बोर्ड ने U/A 16+ प्रमाणपत्र दिया है यानी 16 वर्ष या उससे अधिक उम्र के दर्शक इसे सिनेमाघरों में देख सकते हैं। फिल्म की अवधि 164 मिनट 7 सेकंड (2 घंटे 44 मिनट 7 सेकंड) है। फिल्म सिनेमाघरों में 11 सितंबर 2026 को प्रदर्शित हुई है। लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर अक्षय कुमार और सैफ अपीपीली खान की जोड़ी को एक साथ देखना निश्चित रूप से दर्शकों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण है। ऊपर से निर्देशक प्रियदर्शन, एक खतरनाक खलनायक, नेत्रहीन नायक और बदले की कहानी हैवान का आधार ऐसा है जो शुरुआत में ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा देता है। लेकिन फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, इसकी कमजोर पटकथा और जरूरत से ज्यादा लंबी कहानी इसके रोमांच को कमजोर करती जाती है।
फिल्म की कहानी एक ऐसे संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है जिसमें सैफ अली खान ने दृष्टिबाधित श्याम राणे का किरदार निभाया है जबकि अक्षय कुमार परशुराम नाम के खतरनाक और बदले की भावना से भरे किरदार में नजर आते हैं। श्याम की असाधारण सुनने, सूंघने और महसूस करने की क्षमता उसे एक ऐसे दुश्मन का सामना करने में मदद करती है जिसे वह अपनी आंखों से देख नहीं सकता। यही विचार फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकता था। अक्षय कुमार ने इस बार अपनी सामान्य नायक वाली छवि से अलग हटकर नकारात्मक और हिंसक किरदार निभाने की कोशिश की है। उनके किरदार में खतरनाक अंदाज और रहस्य पैदा करने की कोशिश साफ दिखाई देती है। किरदार को जिस गहराई और प्रभाव की जरूरत थी वह पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती फिर भी अक्षय जब पर्दे पर आते हैं तो उनकी मौजूदगी कहानी में तनाव जरूर पैदा करती है। सैफ अली खान के लिए श्याम का किरदार अभिनय की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। दृष्टिबाधित व्यक्ति की भूमिका में उन्हें अपनी शारीरिक भाषा, आवाज और चेहरे के भावों के जरिए परिस्थितियों को महसूस करने वाले व्यक्ति को सामने लाना था। उनका प्रदर्शन फिल्म के महत्वपूर्ण हिस्सों को संभालता है। प्रियदर्शन का निर्देशन फिल्म के माहौल को रहस्यमय बनाने में कई जगह सफल दिखाई देता है। कुछ दृश्यों में खतरे का एहसास और पीछा किए जाने का तनाव अच्छी तरह उभरता है। खासकर अंतिम हिस्से में फिल्म अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावी होती है। लेकिन समस्या यह है कि फिल्म वहा तक पहुंचने में बहुत समय लेती है।
करीब 2 घंटे 44 मिनट की अवधि वाली फिल्म में कई ऐसे हिस्से हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था। कहानी कई बार अपनी मुख्य धारा से भटकती महसूस होती है और इससे थ्रिलर का असर कम हो जाता है। फिल्म की लंबाई, असमान पटकथा और कमजोर गति को इसकी प्रमुख कमियों में है। प्रियदर्शन की पहचान उनकी शानदार कॉमेडी के लिए भी रही है, लेकिन हैवान मुख्य रूप से गंभीर क्राइम थ्रिलर है। फिल्म में हास्य के कुछ पल जरूर आते हैं, लेकिन वे कहानी के तनाव के साथ हमेशा सहजता से मेल नहीं खाते। नतीजा यह होता है कि जिस समय दर्शक रोमांच की उम्मीद करता है वहां फिल्म कभी-कभी अपना फोकस बदल देती है। बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर और सैयामी खेर जैसे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को मजबूती देती है। खास तौर पर बोमन ईरानी अपने अनुभव से फिल्म के गंभीर हिस्सों को विश्वसनीयता देते हैं। सहायक कलाकारों के पास सीमित अवसर हैं लेकिन जहां मौका मिलता है वहां वे अपनी छाप छोड़ते हैं।
फिल्म हैवान की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट और दिलचस्प मूल कहानी है जबकि सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई और असमान पटकथा है अक्षय कुमार और सैफ अली खान को एक साथ देखने का उत्साह फिल्म की शुरुआत में दर्शकों को बांधे रखता है लेकिन कहानी जिस गति से आगे बढ़नी चाहिए वह गति लगातार नहीं बन पाती। फिल्म पूरी तरह निराश करने वाली नहीं है। कुछ दृश्य, कलाकारों का प्रदर्शन और अंतिम हिस्से का तनाव इसे एक बार देखने लायक बनाते हैं। लेकिन यदि दर्शक एक ऐसी थ्रिलर की उम्मीद लेकर जा रहे हैं जो शुरू से अंत तक सीट से बांधे रखे तो उनकी उम्मीदें पूरी तरह पूरी नहीं होंगी। फिल्म देखने का मजा खराब ना हो इसलिए पूरी कहानी और हंसी का पुलंदा आपको नहीं बता रही हूँ कियोंकि फिल्म को आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ सिनेमाघरों में जाकर बड़े पर्दे पर देखने का अलग मजा आएगा। मैँ इस फिल्म को पांच में से तीन स्टार देती हूँ और जो दर्शक बगैर सोचे अक्षय-सैफ की जोड़ी और क्राइम थ्रिलर फिल्म देखना पसंद करते हैं उनके लिए पांच में से साढ़े तीन स्टार देती हूँ।




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