फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग Rezūm™ वॉटर वेपर थेरेपी किया लॉन्च
दिल्ली एनसीआर में पहला मल्टीस्पेश्यलिटी अस्पताल बना
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, मंगलवार 15 सितम्बर 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग ने Rezūm™ वॉटर वेपर थेरेपी लॉन्च की है, और इस तरह यह बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (बीपीएच) की वजह से पैदा होने वाले निचले मूत्रालय मार्ग के लक्षणों (एलयूटीएस, जिसे आमतौर से प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना कहते हैं) से पीड़ित पुरुषों में उन्नत एवं मिनीमॅली इन्वेसिव प्रक्रिया से उपचार करने वाला दिल्ली एनसीआर का पहला मल्टी-स्पेश्यलिटी अस्पताल बन गया है। बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (बीपीएच) पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि में होने वाली गैर-कैंसरकारी वृद्धि को कहते हैं जो आमतौर से बढ़ती उम्र में होती है। भारत में, इस संबंध में किए गए अध्ययनों से यह सामने आया है कि 40 से 49 वर्ष की उम्र के लगभग 25% पुरुष, 50-60 वर्ष की उम्र के 37% पुरुष और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 50% से अधिक पुरुष बीपीएच-संबंधी लक्षणों से प्रभावित होते हैं। फोर्टिस शालीमार बाग में Rezūm™ टेक्नोलॉजी के उपलब्ध होने से दिल्ली समेत उत्तर भारत में बढ़े हुए प्रोस्टेट से प्रभावित मरीजों को पारंपरिक सर्जरी और आजीवन दवाओं के सेवन से बचाव का प्रभावी विकल्प मिला है। Rezūm™ वॉटर वेपर थेरेपी में प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़े हुए ऊतकों में सिकुड़न पैदा करने के लिए नियंत्रित मात्रा में भाप का प्रयोग किया जाता है जिससे मूत्राशय का रास्ता खुल जाता है। इसे मामूली चीरा लगाकर डे-केयर प्रक्रिया के तौर पर किया जाता है, जिसके लिए आमतौर पर एनेस्थीसिया देने की जरूरत नहीं पड़ती, मरीज की जल्द रिकवरी होती है और वे शीघ्र ही अपनी सामान्य गतिविधियों को करने में समर्थ हो जाते हैं। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में, Rezūm™ वॉटर वेपर थेरेपी से यौन क्षमता प्रभावित होने का जोखिम भी कम होता है, और मरीज का यौन स्वास्थ्य तथा जीवन की गुणवत्ता भी बरकरार रहती है। यह विकल्प, समुचित मेडिकल जांच के बाद उन मरीजों के लिए भी उपयुक्त हो सकता है जो खून पतला करने वाली दवाओं का सेवन करते हैं। पांच-वर्षीय क्लीनिकल आंकड़ों से यह बात सामने आयी है कि मरीजों के लक्षणों में इस थेरेपी से राहत मिलती है, और केवल 4.4% मरीजों को ही फौलो-अप सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है।
डॉ अनुराग पुरी, अतिरिक्त निदेश यूरोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग ने कहा प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने से पुरुषों की लाइफ क्वालिटी पर असर पड़ता है, उन्हें बार-बार पेशाब की समस्या, नींद में व्यवधान, और पेशाब के जमाव की परेशानी से जूझना पड़ता है। बहुत से मरीज अस्पताल में रुकने, रक्तस्राव या यौन क्षमता पर असर पड़ने की आशंका के चलते पारंपरिक सर्जरी से बचते हैं। लेकिन Rezūm™ वॉटर वेपर थेरेपी ने उपचार की तस्वीर बदलकर रख दी है क्योंकि इसमें पानी की भाप का इस्तेमाल कर कुछ ही मिनटों में उपचार कर लिया जाता है। भाप को लक्षित ऊतकों पर डाला जाता है, इसके लिए न्यूनतम एनेस्थीसिया की जरूरत होती है और मरीज की यौन क्षमता भी सुरक्षित रहती है। साथ ही, यह अधिक जोखिम-ग्रस्त मरीजों के लिए सुरक्षित और आसान विकल्प भी है, और ऐसे मरीजों के मामले में भी उपयोगी है जो खून पतला करने वाली दवाओं का सेवन करते हैं या जो इलेक्ट्रोलाइट असामान्यताओं से जूझ रहे होते हैं। इस प्रक्रिया को अस्पताल में पूरा करने के बाद उसी दिन मरीजों को छुट्टी भी मिल जाती है। श्री नवीन शर्मा, वाइस प्रेसीडेंट एवं फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग ने कहा फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग में हमारी प्राथमिकता हमेशा से ऐसे वर्ल्ड-क्लास, मरीज-केंद्रित क्लीनिकल नवाचारों को पेश करने की रही है जो हमारे हेल्थकेयर मानकों को ऊपर उठा सकें। Rezūm™ वॉटर वेपर थेरेपी को अपनाने वाला दिल्ली का पहला अस्पताल बनने का गौरव हासिल कर हम राजधानी समेत उत्तर भारत में मरीजों के लिए अत्याधुनिक यूरोलॉजिकल केयर उपलब्ध करा रहे हैं। इस नई थेरेपी के लॉन्च ने अत्याधुनिक, मिनीमॅली इन्वेसिव उपचार सुविधाएं प्रदान करते हुए सुरक्षित, तेजी से रिकवरी, और बेहतर क्लीनिकल परिणाम सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता दोहरायी है।

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