हेडफील्ड सॉल्यूशंस ने भारत का पहला ग्लोबल सेल्स टैलेंट हंट किया लॉन्च
जिससे 300 से ज़्यादा ग्लोबल करियर के मौके खुलेंगे
दो दिन चलने वाला यह हायरिंग प्लेटफ़ॉर्म एक ही जगह पर ग्लोबल सेल्स की भूमिकाएँ, लाइव स्किल असेसमेंट और हायरिंग से जुड़े फ़ैसले लेने वालों से सीधे बातचीत का मौका देता है
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, रविवार 9 अगस्त 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारत के सेल्स टैलेंट को ग्लोबल वर्कफ़ोर्स के लिए हायर करने के तरीके में बदलाव का संकेत देते हुए, हेडफील्ड सॉल्यूशंस ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में अपनी तरह का पहला ग्लोबल सेल्स टैलेंट हंट लॉन्च किया। इस पहल के तहत 14 से ज़्यादा बिज़नेस वर्टिकल और 25 से ज़्यादा सेक्टर में 300 से ज़्यादा ग्लोबल करियर के मौके उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 8 और 9 अगस्त को आयोजित होने वाले इस दो-दिवसीय टैलेंट हंट में सेल्स प्रोफ़ेशनल्स, नए ग्रेजुएट्स और बिज़नेस डेवलपमेंट में करियर बनाने के इच्छुक लोगों को ग्लोबल स्तर के मौकों, रिक्रूटर्स और हायरिंग लीडर्स से जुड़ने का मौका मिलेगा। आम तौर पर होने वाली हायरिंग ड्राइव्स में पहले रिज़्यूमे जमा करना होता है और कई राउंड की स्क्रीनिंग होती है, लेकिन इस पहल में उम्मीदवारों की कम्युनिकेशन, लोगों को मनाने (persuasion), समस्या सुलझाने और बेचने की क्षमताओं को रियल-टाइम में दिखाने पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है। इस पहल का दायरा काफ़ी बड़ा है। 14 से ज़्यादा बिज़नेस लाइन्स में 300 से ज़्यादा मौकों के साथ, हेडफील्ड इस इवेंट को भारत के कमर्शियल टैलेंट को इंटरनेशनल बिज़नेस के मौकों से जोड़ने वाले एक नेशनल प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर पेश कर रहा है। यह हायरिंग ड्राइव हर तरह के अनुभव वाले उम्मीदवारों के लिए खुली है, जिसमें फ्रेशर्स, शुरुआती करियर वाले प्रोफ़ेशनल्स और अनुभवी सेल्स व बिज़नेस डेवलपमेंट टैलेंट शामिल हैं।
सेल्स हायरिंग में पारंपरिक रूप से रिज़्यूमे, इंटरव्यू और स्टैंडर्ड स्क्रीनिंग प्रोसेस पर बहुत ज़्यादा निर्भरता रही है। हेडफील्ड का टैलेंट हंट एक अलग तरीका अपनाता है, जिसमें हायरिंग प्रोसेस के केंद्र में उम्मीदवारों की असल सेल्स क्षमताएँ होती हैं। इस इवेंट में लाइव पिच बैटल्स और रियल-टाइम असेसमेंट शामिल हैं, जिससे उम्मीदवार यह दिखा सकते हैं कि वे कैसे बातचीत करते हैं, दबाव को कैसे संभालते हैं, आपत्तियों का जवाब कैसे देते हैं और लोगों को प्रभावित करने वाला बिज़नेस केस कैसे बनाते हैं। उम्मीदवारों को रिक्रूटर्स और फ़ैसले लेने वालों से सीधे बातचीत करने का मौका भी मिलता है, जिससे पारंपरिक हायरिंग प्रोसेस का समय कम हो सकता है।
हेडफील्ड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और CEO कुणाल जग्गी ने कहा भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही है बड़ी चुनौती ग्लोबल मौकों तक सीधी पहुँच बनाना रही है। ग्लोबल सेल्स टैलेंट हंट के ज़रिए हम सेल्स टैलेंट को खोजने और परखने के तरीके को बदलना चाहते हैं। एक रिज़्यूमे से यह तो पता चल सकता है कि किसी ने कहाँ काम किया है, लेकिन उससे हमेशा यह पता नहीं चलता कि वे कैसे सोचते हैं, बातचीत करते हैं, दूसरों पर असर डालते हैं या अहम मौकों पर कैसा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने आगे कहा इसीलिए हम एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहते थे जहाँ टैलेंट को रियल-टाइम में देखा, परखा और खोजा जा सके। हमारा मकसद भारत के कमर्शियल टैलेंट को ग्लोबल मार्केट तक पहुँचाना और ऐसे प्रोफ़ेशनल्स की एक मज़बूत पाइपलाइन तैयार करना है जो इंटरनेशनल ग्रोथ को आगे बढ़ा सकें।

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