वर्कफोर्स एआई अपस्किलिंग के लिए आईआईटी खड़गपुर ने बढ़ाया कदम
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 24 सितम्बर 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। भारत में एआई अपस्किलिंग की लहर अब शुरुआती करियर के पेशेवरों की तुलना में तेजी से अनुभवी पेशेवरों द्वारा संचालित हो रही है। इस बदलाव को दर्शाते हुए, आईआईटी खड़गपुर और अपग्रेड ने अपने एग्जीक्यूटिव एआई पोर्टफोलियो का विस्तार चार से बढ़ाकर सात कार्यक्रमों तक किया है, जिसमें पूरे पोर्टफोलियो में तिमाही आधार पर तीन गुना नामांकन वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 में घोषित इस साझेदारी ने भारत के 133 शहरों और सात देशों यूएई, अमेरिका, यूके, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और कुवैत से शिक्षार्थियों को आकर्षित किया है। इस पोर्टफोलियो में विशेष रूप से वरिष्ठ स्तर के पेशेवरों की भागीदारी देखी गई है। शिक्षार्थियों का औसत कार्य अनुभव 12 वर्ष है, जबकि लगभग 63% शिक्षार्थियों के पास एक दशक से अधिक का पेशेवर अनुभव है। इस कार्यक्रम में टीसीएस, जेपी मॉर्गन चेज़, बैंक ऑफ अमेरिका, एचएसबीसी, इंफोसिस, एक्सेंचर, डेलॉइट, कैपजेमिनी, आईबीएम, ओरेकल, कॉग्निजेंट, सेल्सफोर्स, विप्रो, सिटी और क्वालकॉम जैसी अग्रणी संस्थाओं के पेशेवर शामिल हैं। इनमें वाइस प्रेसिडेंट, प्रिंसिपल इंजीनियर, इंजीनियरिंग मैनेजर, टेक लीड, स्टाफ सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सीनियर कंसल्टेंट और डेटा साइंटिस्ट जैसे विभिन्न पदों पर कार्यरत पेशेवर शामिल हैं। मजबूत प्रतिक्रिया ने पोर्टफोलियो के विकास को भी आकार दिया है। शुरुआत में जनरेटिव एआई, एआई-नेटिव सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, एप्लाइड एआई एंड मशीन लर्निंग और टेक्नोलॉजी एंड एआई लीडरशिप को कवर करने वाले चार एग्जीक्यूटिव कार्यक्रमों के साथ लॉन्च किए गए इस पोर्टफोलियो में अब बिल्डिंग एआई प्रोडक्ट्स, सिस्टम्स एंड सर्विसेज, एप्लाइड डेटा साइंस एंड एजेंटिक एआई और फिनटेक एंड एआई जैसे तीन विशेष कार्यक्रम जोड़े गए हैं। इससे पेशेवरों को अपनी भूमिका के अनुरूप एआई क्षमताएँ विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
व्यावहारिक एआई कार्यक्रमों की मांग सबसे अधिक रही है। एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन जनरेटिव एआई एंड एजेंटिक एआई और एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन एप्लाइड एआई एंड मशीन लर्निंग दोनों में तिमाही आधार पर दो गुना नामांकन वृद्धि दर्ज की गई है और ये पोर्टफोलियो के सबसे तेजी से बढ़ने वाले कार्यक्रमों के रूप में उभरे हैं। शेष वृद्धि एआई प्रोडक्ट डेवलपमेंट, डेटा साइंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी लीडरशिप और फिनटेक में विशेष कार्यक्रमों की बढ़ती मांग से आई है। यह विभिन्न कार्यक्षेत्रों और उद्योगों में एआई कौशल को अपनाने के बढ़ते विस्तार को दर्शाता है। यह मांग भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्रों में भी दिखाई दे रही है। बेंगलुरु सबसे बड़ा शिक्षार्थी केंद्र बनकर उभरा है, जिसके बाद हैदराबाद और पुणे का स्थान है। मुंबई, दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, चेन्नई और कई उभरते शहरों के पेशेवर भी बड़ी संख्या में नामांकन कर रहे हैं। क्षेत्र के आधार पर देखें तो टेक्नोलॉजी सर्विसेज, कंसल्टिंग और वित्तीय सेवाएँ एआई को अपनाने में सबसे आगे हैं और शिक्षार्थियों के कुल आधार का लगभग आधा हिस्सा इन क्षेत्रों से आता है।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, आईआईटी खड़गपुर के निदेशक, प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा जैसा कि आईआईटी खड़गपुर शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, हम इस बात के प्रति सजग हैं कि किसी संस्थान की वास्तविक पहचान केवल उसकी विरासत में नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के प्रति प्रतिक्रिया देने की उसकी क्षमता में भी होती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योगों, संस्थानों और समाज में बदलाव ला रहा है, जिससे आजीवन सीखना लगातार एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक जिम्मेदारी बनता जा रहा है। अपग्रेड के साथ हमारी साझेदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और आईआईटी खड़गपुर की शैक्षणिक गहराई को बड़े पैमाने पर पेशेवरों तक पहुँचाने में मदद करती है। आउटरीच कोर्स नेटवर्क (ओसीएन) जैसी पहल एक विश्वसनीय लर्निंग फ्रेमवर्क तैयार करके इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती हैं। हम इस साझेदारी की वृद्धि से उत्साहित हैं और इसे राष्ट्रीय एवं वैश्विक महत्व के नए क्षेत्रों तक विस्तारित करने के लिए तत्पर हैं।
अनुज विश्वकर्मा, सीईओ हायर एजुकेशन प्रोग्राम्स, अपग्रेड ने कहा इस पोर्टफोलियो को मिली प्रतिक्रिया ने उस बदलाव की पुष्टि की है जिसे हम उद्योग में देख रहे हैं — एआई अपस्किलिंग अब मुख्य रूप से शुरुआती करियर के पेशेवरों द्वारा संचालित नहीं हो रही है। आज के शिक्षार्थी अनुभवी टेक्नोलॉजी लीडर्स हैं, जो समझते हैं कि प्रासंगिक बने रहने के लिए लगातार खुद को नई क्षमताओं से लैस करना जरूरी है। विशेष रूप से उत्साहजनक बात यह रही है कि विशेष और भूमिका-आधारित लर्निंग की मजबूत मांग के कारण हमने लॉन्च के कुछ ही महीनों में पोर्टफोलियो को चार से बढ़ाकर सात कार्यक्रमों तक विस्तारित किया है। आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर हम ऐसे लर्निंग पाथवे तैयार कर रहे हैं जो पेशेवरों को एआई को केवल एक रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में देखने के बजाय उसे कार्यस्थल पर व्यावहारिक क्षमता में बदलने में सक्षम बनाते हैं। शुरुआती शिक्षार्थी भागीदारी भी मजबूत रही है। नामांकित शिक्षार्थियों में से 95% से अधिक ने अपने अकाउंट सक्रिय किए हैं और अपनी लर्निंग यात्रा शुरू की है। यह दर्शाता है कि पूर्णकालिक करियर के साथ संतुलन बनाते हुए काम करने वाले पेशेवरों के लिए ये कार्यक्रम प्रासंगिक हैं। शुरुआती बैच के शिक्षार्थियों के कार्यक्रमों में आगे बढ़ने के साथ ही पूर्णता और प्रमाणन से जुड़े आँकड़े उपलब्ध होंगे। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब आईआईटी खड़गपुर 18 अगस्त 2026 को अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर चुका है। संस्थान के पहले ऑनलाइन एग्जिक्यूटिव एजुकेशन पोर्टफोलियो के रूप में, यह साझेदारी अनुभवी पेशेवरों के बीच संरचित और उन्नत एआई शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाती है तथा भारत के टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स को एआई युग के लिए तैयार करने में एग्जिक्यूटिव लर्निंग की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

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