11 वर्ष की उम्र में योग के क्षेत्र में देवांगी लालवानी ने रचा इतिहास, 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम

राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया सिंधी समाज का गौरव, सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया करेगी सम्मानित

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, बुधवार 12 अगस्त 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), खेरथल (राजस्थान)। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती इस कहावत को महज 11 वर्ष की उम्र में खेरथल, राजस्थान की होनहार बालिका देवांगी लालवानी ने योग के क्षेत्र में अपनी शानदार उपलब्धियों से सच साबित कर दिखाया है। योग के प्रति समर्पण, कठिन अभ्यास और अनुशासन के बल पर देवांगी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है और अपने परिवार के साथ-साथ पूरे सिंधी समाज का नाम रोशन किया है। देवांगी ने मात्र 4 वर्ष की उम्र में योग को अपने जीवन का लक्ष्य और जुनून बना लिया था। छोटी उम्र से ही नियमित अभ्यास करते हुए उन्होंने योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। राष्ट्रीय स्तर पर योग वॉलंटियर के रूप में अपनी पहचान बनाने के साथ ही उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।

देवांगी की उपलब्धियों का सबसे गौरवपूर्ण पक्ष यह है कि उन्होंने इतनी कम उम्र में 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इसके अलावा जिला एवं राज्य स्तर पर भी उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अनेक पदक, प्रमाण-पत्र एवं सम्मान हासिल किए हैं। देवांगी की सफलता केवल एक बालिका की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि यह सिंधी समाज के लिए गौरव और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय है। योग के प्रति उनकी लगन, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और अनुशासन यह संदेश देता है कि छोटी उम्र में भी दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया (उत्तर भारत) के अध्यक्ष ने पत्रकारों को बताया देवांगी लालवानी की उपलब्धि पर सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया परिवार की ओर से देवांगी लालवानी को सम्मान में उन्हें कैश पुरस्कार एवं सम्मान-पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया ने देवांगी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि वे आगे बढ़कर देश और समाज का नाम रोशन करती रहें। क्योंकि देवांगी लालवानी की यह उपलब्धि न केवल उनके माता-पिता और परिवार के लिए गर्व का क्षण है बल्कि पूरे सिंधी समाज के लिए ‘गर्व की बेटी’ के रूप में एक प्रेरणादायक मिसाल है।यदि आप चाहें तो मैं इसे अखबार के फ्रंट पेज की छोटी, ज्यादा दमदार खबर या फोटो के साथ प्रकाशित होने वाली विशेष खबर के रूप में भी तैयार कर सकता हूँ।

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