फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला ने एओर्टिक कंडीशन एवं किडनी कैंसर से ग्रस्त का किया जटिल

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला के डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त आर्टरी, हार्ट वाल्व में रिसाव और किडनी कैंसर का सिंगल ऑपरेशन में सफल उपचार कर मेडिकल की दुनिया में नया इतिहास रचा 

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 20 अगस्त 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला के डॉक्टरों ने 64-वर्षीय मरीज की तीन गंभीर जीवनघाती मेडिकल कंडीशंस का सफल उपचार कर मेडिकल की दुनिया में शानदार उपलब्धि दर्ज करायी है। डॉक्टरों ने मरीज के क्षतिग्रस्त हार्ट वाल्व और उनकी क्षतिग्रस्त महाधमनी का सफल उपचार किया और साथ ही, रोबोट-असिस्टेड सर्जरी की मदद से कैंसरग्रस्त किडनी ट्यूमर को भी निकाला। इन जटिल हार्ट और कैंसर सर्जरी को अस्पताल में सिंगल स्टे के दौरान करने का यह दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है जिसका उल्लेख इससे पहले कहीं अन्य नहीं मिलता। उक्त 64-वर्षीय मरीज जब अस्पताल में भर्ती हुए थे तब उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी और रोजमर्रा के छोटे-मोटे काम करने पर भी वह हांफने लगते थे। मेडिकल स्कैन्स से पता चला कि वह एक साथ तीन जीवनघाती स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे थेः उनकी एओर्टा (महाधमनी) क्षतिग्रस्त थी जो खतरनाक हो सकता था, एओर्टिक वाल्स से काफी अधिक रिसाव हो रहा था, और इस बीच, उनकी बायीं किडनी में कैंसर ट्यूमर का भी पता चला। ऐसी किसी भी कंडीशन के इलाज में देरी करने पर काफी रिस्क था। मरीज की मुख्य धमनी किसी भी समय फट सकती थी, और उनके वाल्व से रिसाव होने के कारण उनका हृदय भी तेजी से कमजोर पड़ता जा रहा था, और इलाज नहीं होने पर कैंसर फैलने का खतरा भी बढ़ रहा था। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सामान्यतः अलग-अलग सर्जरी करते हैं ताकि मरीज की ठीक तरीके से रिकवरी हो सके। लेकिन उक्त मरीज के लिए कैंसर सर्जरी से पहले एक स्थिर हृदय की आवश्यकता प्रमुख थी, और सर्जरी के बीच की अवधि को अधिक रखने पर जटिलताओं के और भी गंभीर होने का खतरा बढ़ सकता था। मेडिकल टीम इस निष्कर्ष पर पहुंच चुकी थी कि देरी करने का विकल्प उनके पास नहीं है, तब उन्होंने तीनों ही स्वास्थ्य चुनौतियों का इलाज एक बार में करने का रास्ता चुना। 

डॉक्टरों की टीम ने दोषग्रस्त वाल्व को बदलने के लिए मरीज की जटिल ओपन-हार्ट सर्जरी की और क्षतिग्रस्त महाधमनी को भी दुरुस्त करने के लिए उसमें एडवांस स्टेंट लगाया। मरीज का हार्ट स्थिर होते ही, यूरोलॉजी टीम ने मामला अपने हाथों में लिया और रोबोट की सहायता से सर्जरी कर उनके गुर्दे में पनप रहे कैंसरग्रस्त ट्यूमर को बाहर निकाला तथा गुर्दे के स्वस्थ हिस्से को सुरक्षित रखा। डॉक्टरों का पूरा जोर इस बात पर था कि उक्त मरीज को इन प्रक्रियाओं के लिए बार-बार अस्पताल न आना पड़े क्योंकि ऐसी जोखिमग्रस्त सर्जरी के बाद रिकवरी की अलग-अलग अवधियों के दौरान मरीज के लिए जोखिम बढ़ सकता था। एडवांस हार्ट रिपेयर के साथ रोबोट की सहायता से कैंसर सर्जरी कर टीम ने एक ही ऑपरेशन कर मरीज के लिए किसी भी प्रकार के जोखिम की आशंका को दूर कर दिया। ऑपरेशंस के बाद, मरीज को सांस लेने में सुधार महसूस होने लगा था और उनका हार्ट फंक्शन भी बेहतर हुआ। उनकी पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी ठीक तरीके से हुई, और उन्हें स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वह स्वस्थ हैं। 

मामले की जानकारी देते हुए, डॉ शिव कुमार चौधरी, एग्जीक्युटिव डायरेक्टर, एडल्ट कार्डियो थोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला ने कहा, “ओपन-हार्ट रिपेयर और रोबोट-असिस्टेड किडनी कैंसर सर्जरी को सिंगल ऑपरेशन में इससे पहले कभी नहीं किया गया था, जो वास्तव में, एक मेडिकल उपलब्धि है। एओर्टा (शरीर की महाधमनी) को रिपेयर करना बेहद जटिल प्रक्रिया है। हमें पहले मरीज के शरीर के तापमान को कम करना था ताकि उनके अंगों को सुरक्षित रखा जा सके और इसके लिए स्पेश्यलाइज़्ड पंपों की मदद से उनके रक्तप्रवाह को बिना किसी रुकावट के सीधे मस्तिष्क तक भेजा जाता रहा ताकि ऑर्गेन फेलियर की कोई शिकायत न हो। क्षतिग्रस्त महाधमनी को एक बार में ही दुरुस्त करने के लिए, हमने एडवांस तकनीक – ‘फ्रोज़न एलीफेंट ट्रंक’ ग्राफ्ट (जो कि क्षतिग्रस्त आर्टरी के स्थान पर बिल्ट-इन स्टेंट को अंदर से बाहर की तरफ डालती है) का सहारा लिया। इससे एओर्टा को एक ही बार में रिपेयर किया जा सका, और मरीज को महीनों बाद दूसरी बड़ी हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका एक और फायदा यह हुआ कि हमारी यूरोलॉजी टीम ने भी इसी दौरान उनके किडनी कैंसर को सुरक्षित रूप से निकाला।

डॉ मिलिंद पदमाकर होते, डायरेक्टर, एडल्ट कार्डियो थोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला ने कहा, “यह मामला एओर्टिक टियर की वजह से काफी अलग और खास था क्योंकि यह कंडीशन हर साल करीब 100,000 लोगों में से मुट्ठीभर में ही देखी जाती है। इस मामले में हमारी अलग-अलग मेडिकल टीमों के बीच सुगम ट्रांजिशन भी उल्लेखनीय रहा। कार्डियाक रिपेयर के बाद, हमने ऐसी स्टेबल विंडो तैयार की जिसका लाभ उठाकर यूरोलॉजी टीम ने किडनी ट्यूमर को निकाला और इस दौरान स्वस्थ किडनी टिश्यू को सुरक्षित रखा। इस तरह, दोनों ही बड़ी चुनौतियों से एक बार में निपटने से मरीज को काफी लाभ मिला, उनके लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं को कराने के लिए बार-बार अस्पताल में आने की परेशानी नहीं रही और रिकवरी भी एक बार में हो गई।

डॉ पंकज पंवार, एडिशनल डायरेक्टर, एडल्ट कार्डियो थोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला ने कहा, “रोबोट-असिस्टेड सर्जरी का लाभ उठाकर, यूरोलॉजी टीम ने जटिल किस्म के सर्जिकल फील्ड को हाइ डेफिनेशन विजुअलाइज़ेशन और असाधारण सटीकता का परिचय देते हुए नेविगेट किया। इसका फायदा यह हुआ कि टीम कैंसरग्रस्त ट्यूमर को पार्शियल नेफ्राक्टॅमी से निकालने के साथ-साथ किडनी के स्वस्थ हिस्से को सुरक्षित रखने में कामयाब हुई। इस मिनीमॅली इन्वेसिव प्रकि्रया से रक्तस्राव और सर्जिकल स्ट्रैस कम हुआ, जो मरीज की हाल में की गई कार्डियाक सर्जरी के बाद वाकई महत्वपूर्ण था। डॉ विक्रम अग्रवाल, वाइस प्रेसीडेंट एंड फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला ने कहा, “हम मेडिकल साइंस के क्षेत्र में लगातार अपनी सीमाओं को परखते हैं और बेहद जटिल मेडिकल कंडीशन के बावजूद जीवन-रक्षक समाधानों को उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करते हैं। इस जटिल हार्ट रिपेयर और रोबोटिक किडनी कैंसर सर्जरी को दुनिया में पहली बार एक साथ किया गया है। यह हमारी मल्टी-डिसीप्लीनरी टीमों के बीच असाधारण तालमेल का प्रमाण है जिसके चलते दिग्गज कार्डियोथोरेसिक सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर स्पेश्यलिस्ट एक साथ एक छत के नीचे जुटे।


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